(संजय वर्मा) गांव धनाना में बीते रविवार को 17 साल के बेटे और 16 साल की बेटी को नशीली दवा खिलाने के बाद तार से गला घोंटकर मौत के घाट उतारने वाले सुभाष की छोटी बहन ने भाई के लिए फांसी की मांग की है। छोटी बहन सुमन का कहना है कि सुभाष अपने माता-पिता को प्रताड़ित करता था। वहीं, दोनों बच्चे भी उससे डरते थे। मौत से दो दिन पहले ही उसने सुभाष की बेटी आरुशी के पास फोन मिलाया था, लेकिन सुभाष ने जबरन बेटी से फोन छीनकर उससे कहा कि हम ठीक हैं तू चिंता मत कर इसके बाद फोन काट दिया।
बहन बोली-सुभाष था क्रूर पिता
सुमन ने बताया कि उसकी सुभाष के साथ कभी बनती नहीं थी, क्योंकि उसने कभी भी मुझे और माता-पिता को सम्मान नहीं दिया था। उसकी पत्नी ने जहर खाकर जान दी थी जिसके बाद वह मां को ही जिम्मेदार मानने लगा था। यही वजह थी कि उसकी मां अपने पीहर जाकर रहने लगी थी। वहां पर भी सुभाष ने जाकर अपनी मां की जान लेने की कोशिश की थी, लेकिन असफल रहा था। पिता आजाद भी अपनी बहन के घर पर रहता था। सुमन ने बताया कि दोनों बच्चे पढ़ाई में काफी होशियार और संस्कारी थे। दादा-दादी के प्रति भी उनका बड़ा लगाव था, लेकिन क्रूर पिता से दोनों बच्चे डरते थे और कभी भी घर से बाहर नहीं जाते थे। दूसरी शादी की बात पर सुमन ने कहा कि उसका भाई दूसरी शादी नहीं करना चाहता था। मां के साथ उसने भैंसों का गोबर उठाने को लेकर झगड़ा किया था। क्योंकि घर पर 10 से 15 भैंसें रखते थे, जिनका सारा काम पिता आजाद और मां ही करती थी। बूढ़ी होने के कारण मां ने सुभाष के कहने पर गोबर नहीं उठाया तो उसके साथ झगड़ा किया था।