भिवानी। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा प्रदेश में देसी कपास के रकबे को बढ़ावा देने के लिए किसानों को 3000 रुपये प्रति एकड़ की दर से अनुदान दिया जाएगा। वर्ष 2026-27 के दौरान देसी कपास की खेती करने वाले किसान इस योजना का लाभ उठा सकेंगे। योजना के तहत अनुदान प्राप्त करने के लिए क्षेत्रफल की कोई अधिकतम सीमा निर्धारित नहीं की गई है।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उपनिदेशक डॉ. विनोद कुमार फोगाट ने बताया कि योजना का लाभ लेने के इच्छुक किसान मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर अपना पंजीकरण करवा सकते हैं। इसके लिए ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया 19 मई से शुरू हो चुकी है। उन्होंने बताया कि देसी कपास की खेती करने वाले किसानों के खेतों का विभाग की ओर से भौतिक सत्यापन किया जाएगा। सत्यापन के बाद पात्र किसानों को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से अनुदान राशि उनके बैंक खातों में भेजी जाएगी।
डॉ. फोगाट ने जिले के किसानों से निर्धारित समयावधि में पंजीकरण करवाने की अपील करते हुए कहा कि किसान इस योजना का अधिकतम लाभ उठाएं और देसी कपास की खेती को बढ़ावा दें। उन्होंने कहा कि यह योजना किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ कृषि क्षेत्र में विविधीकरण को भी प्रोत्साहित करेगी।