भिवानी। केंद्र की भाजपा और हरियाणा की गठबंधन सरकार किसान मजदूरों को जख्म पर जख्म देती जा रही है, लेकिन उन्हें याद रखना चाहिए कि ये रवैया उन्हें महंगा पड़ेगा। यह बात दादरी से निर्दलीय विधायक और खाप सांगवान 40 के प्रधान सोमबीर सांगवान ने कितलाना टोल पर चल रहे किसानों के अनिश्चितकालीन धरने को संबोधित करते हुए कही।
उन्होंने कहा कि सरकार ने डीएपी के दाम न बढ़ाने की बात कही थी उसके बाद भी अभूतपूर्व बढ़ोतरी कर दी है। किसानों के बार बार आवाज उठाने के बाद भी सरकार इसपर बोलने को राजी नहीं है। पहले प्रदेश के आठ जिलों की मंडियों में खरीद बंद कर दी गई और लॉकडाउन के बाद सभी मंडियों में खरीद बंद है। उन्होंने कहा कि किसान अपनी फसल बेचने के लिए परेशान है। जिन किसानों ने मंडियों में लंबे समय से गेहूं डाल रखा है उन्हें भुगतान नहीं किया जा रहा। जबकि सरकार ने खरीद के 72 घंटे के भीतर भुगतान करने का वादा किया था। 162 दिन से लाखों किसान तीन कृषि कानून रद्द करवाने की मांग को लेकर आंदोलनरत हैं और इस दौरान 400 से ज्यादा किसान शहादत दे चुके हैं। कितलाना टोल पर धरने के 132वें दिन खाप सांगवान 40 के सचिव नरसिंह डीपीई, किसान सभा के रणधीर कुंगड़, रिटायर्ड कर्मचारी संघ के निर्मल सिंह स्वामी, बीरमति, संतोष देशवाल, राजसिंह जताई, मीरसिंह निमड़ीवाली ने संयुक्त रूप से अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि भाजपा को बंगाल की हार हजम नहीं हो रही। इसलिए देशभर में भाजपाई धरने पर बैठे हैं। धरने का मंच संचालन कामरेड ओमप्रकाश ने किया। इस अवसर पर मास्टर ताराचंद चरखी, सूरजभान सांगवान, सुरेन्द्र कुब्जानगर, आजाद सिंह फौजी, सज्जन कुमार सिगला, सुखदेव पालवास, रणबीर छपार, रामफल देशवाल, महेंद्र धानक, निम्बो डोहकी, रामानंद धानक, सुनील सैन, प्रकाश सोनी, शमशेर सांगवान, ओमप्रकाश प्रजापति, सुलतान खान, रघुबीर सारगंपुर, बलजीत मानकावास मौजूद थे।