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मुख्यमंत्री का विरोध कर रहे 50 से ज्यादा किसानों को हिरासत में लिया

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भिवानी। कृषि कानूनों से नाराज किसानों ने रविवार को मुख्यमंत्री के दौरे का विरोध किया। प्रेमनगर में चल रहे धरने से किसान दोपहर के समय भिवानी के लिए रवाना हुए। किसानों का दावा है कि तिगड़ाना मोड़ के पास पुलिस ने 50 से ज्यादा किसानों को हिरासत में ले लिया और उन्हें लोहारू लेकर चले गए। इस घटना से नाराज किसानों ने धनाना और प्रेमनगर में जाम लगा दिया। जाम के दौरान सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। जाम के कारण जींद और हांसी मार्ग पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। साथ ही किसानों पर कार्रवाई करने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने की मांग की। किसानों ने पुलिसकर्मियों पर महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार करने का आरोप भी लगाया।
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धनाना में जाम के दौरान किसान नेताओं ने कहा कि भाजपा को सत्ता में लाने वाले किसान ही हैं और भाजपा शासनकाल में किसानों की बुरी हालत हो गई है। उन्होंने कहा कि विरोध जताने धरने पर बैठे किसानों पर लाठीचार्ज करना लोकतंत्र नहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार पूरी तरह से तानाशाही पर उतर आई है। पहले तो पांच माह से किसानों की मांगों की अनदेखी की जा रहा है। अब बर्बरतापूर्वक किसानों को धरने से उठाया जा रहा है। उन्होंने एक दिन का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि एक दिन में लाठीचार्ज मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो चार मई को फिर से रोड जाम कर प्रदर्शन किया जाएगा।
वर्जन
सरकार राजहठ पर उतरी हुई है। 50 से ज्यादा किसानों को हिरासत में लेकर उनपर बर्बरतापूर्ण कार्रवाई की गई है। हम इसकी निंदा करते हैं। सरकार को दो दिन का समय देते हैं। अगर दो दिन में दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं की जाती है तो किसान आंदोलन करने पर मजबूर होंगे।
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- जोगेंद्र तालु, किसान नेता
कोट
मुख्यमंत्री का विरोध करने के लिए भिवानी जा रहे लगभग 30 से 35 किसानों को हिरासत में लिया गया था और बाद में उन्हें फारिग कर दिया गया।
- विद्यानंद, एसएचओ, सदर थाना भिवानी।
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