भिवानी। निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज का नाम पहले चौ. बंसीलाल के नाम पर करने, फिर पंडित नेकीराम शर्मा के नाम पर करने और अब बजट में इसे डॉ. मंगलसेन के नाम पर करने के सरकार के फैसले पर किसानों ने रोष जताया। किसान नेताओं नर सिंह, कामरेड ओमप्रकाश ने कहा कि इसे किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और अगर ऐसा किया गया तो आंदोलन किया जाएगा। विधायक सोमबीर सांगवान ने कहा कि बजट से कोई खुश नहीं, महज आंकड़ों की हेराफेरी है।
कितलाना टोल पर 79वें दिन भी धरना जारी रहा और टोल फ्री रहा। किसानों में मेडिकल कॉलेज का नाम बदले जाने के प्रति रोष रहा। वक्ताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री ने दो साल पहले खुद भिवानी मेडिकल कॉलेज का नाम पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी बंसीलाल की जगह पंडित नेकीराम के नाम पर रखे जाने की घोषणा की थी, लेकिन बजट में उससे पलट गए और कॉलेज का नामकरण मंगलसेन के नाम पर करने की घोषणा की। इससे पूरे इलाके में भारी आक्रोश है। पंडित नेकीराम और चौ. बंसीलाल दोनों इलाके की महान विभूतियां थी। उनकी अनदेखी से आम जनता की भावनाएं आहत हुई हैं। पंडित नेकीराम जहां महान स्वतंत्रता सेनानी थे और भाखड़ा बांध परियोजना को सिरे चढ़ाने में बड़ी भूमिका रही। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री चौ. बंसीलाल का हरियाणा के विकास में अहम योगदान रहा है। ऐसे में इन दोनों की जगह किसी और का नाम भिवानी मेडिकल कॉलेज से जोड़ना असहनीय है।
धरनारत किसानों ने कहा कि सरकार डॉ. मंगलसेन के नाम से कोई और संस्थान खोले। इस बारे में धरने पर प्रस्ताव रखा गया जिसका सभी ने हाथ उठाकर समर्थन किया। दादरी से निर्दलीय विधायक और खाप सांगवान 40 के प्रधान सोमबीर सांगवान ने बजट की आलोचना करते हुए कहा कि हरियाणा सरकार के बजट से किसान, कर्मचारी, व्यापारी समेत कोई भी वर्ग खुश नहीं है। बजट महज आंकड़ों की हेराफेरी है। धरने की अध्यक्षता खाप सांगवान 40 के सचिव नरसिंह डीपीई, फौगाट खाप 19 के उपप्रधान धर्मपाल महराणा, सर्वजातीय श्योराण खाप 25 के प्रधान बिजेंद्र बेरला, रणधीर कुंगड़, सुभाष यादव, कृष्णा छपार, अजीत सिंह सांगवान, रत्तन जिंदल ने संयुक्त रूप से की। कामरेड ओमप्रकाश ने मंच संचालन किया। इस मौके पर युवा निशानेबाज पूनम पंडित, विकास सीसर, सुदेश गोयत, अमरजीत ने भी अपने विचार रखे। इस मौके पर ठाकुर अमर सिंह, राकेश आर्य, सुरजभान सांगवान, राजू मान, खजान सिंह सांगवान, जागेराम सरपंच, राजकुमार हड़ौदी, रामकुमार बीईओ, सुल्तान खान, प्रताप, बलजीत, अमरपाल सरपंच, सूबे सिंह पुर्व सरपंच, सतबीर नंबरदार, मा. अजीत हालुवास, मीरसिंह, लीलाराम गील, करतार गील, सत्ते श्योराण, कुलबीर बोहरा, वीरेन्द्र नंबरदार, मनोज ढाणा नरसाण, दिनेश शर्मा अजीतपुर, कैप्टन दिनेश हालुवास आदि मौजूद थे।