जलभराव की समस्या को लेकर तहसीलदार को ज्ञापन सौंपते ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन के सदस्य।
बवानीखेड़ा। ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को बवानीखेड़ा तहसील में जलभराव और बाढ़ से बचाव, पानी की निकासी और बाढ़ पीड़ितों के पुनर्वास की मांग को लेकर तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। संगठन ने इससे पहले भी 13 अक्टूबर को इसी विषय पर ज्ञापन दिया था, लेकिन अब तक कोई ठोस राहत नहीं मिली है।
जिला प्रधान रोहतास सिंह सैनी ने बताया कि अतिवृष्टि और बाढ़ के कारण बवानीखेड़ा तहसील सहित भिवानी जिले के किसान-मजदूरों को भारी नुकसान हुआ है। कई गांव बाढ़ से प्रभावित हैं, खेत जलमग्न हो गए हैं, घर ढह गए या क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जमीन कीचड़मय हो गई है और फसलें पूरी तरह नष्ट हो चुकी हैं। सड़कें भी टूट चुकी हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से अब तक कोई सहायता नहीं मिलने से किसानों में रोष है और वे अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं।
प्रतिनिधिमंडल के सदस्य फूलचंद सैनी, महेंद्र सिंह कटारिया और जंगबीर ने बताया कि पूंजीवादी विकास मॉडल, ग्लोबल वार्मिंग और पहाड़ी राज्यों में प्रकृति-विरोधी कॉर्पोरेट विकास के चलते जलवायु परिवर्तन, बादल फटना और बाढ़ जैसी घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जो मानव समाज के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही हैं।
उन्होंने बताया कि हांसी-तोशाम सड़क के नीचे से दो प्रमुख ड्रेनें गुजरती हैं—एक सामण भिवानी ड्रेन, जो धनाना से होकर चौधरीवास गांव तक जाती है, और दूसरी ड्रेन सोरखी, गढ़ी, कुंगड़ खेड़ी से मिलकर बनती है। ये दोनों ड्रेनें चौधरीवास गांव में एक हो जाती हैं। प्रतिनिधियों ने सुझाव दिया कि इन ड्रेनों को आगे राजस्थान के सूखाग्रस्त क्षेत्रों तक बढ़ाया जाए, जिससे जलभराव की समस्या से किसानों को राहत मिल सके। किसान संगठन ने सरकार से मांग की है कि जल्द से जल्द जल निकासी की व्यवस्था सुधारी जाए और बाढ़ पीड़ितों को पुनर्वास व मुआवजा प्रदान किया जाए।