सीटीएम अनिल कुमार को ज्ञापन सौंपते किसान
भिवानी। टावर निर्माण के बदले न्यायोचित मुआवजे की मांग को लेकर छह गांवों के किसानों ने सोमवार को उपायुक्त कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया और ज्ञापन सौंपा। किसानों ने जमीन का स्वतंत्र मूल्यांकन कराने की अनुमति देने की मांग उठाई ताकि उन्हें उचित बाजार भाव के अनुसार मुआवजा मिल सके।
अखिल भारतीय किसान सभा भिवानी के नेतृत्व में तोशाम ब्लॉक के गांव डाडम, पिंजोखरा, गारनपुरा, छपार जोगियान, रांगडान और दरियापुर के किसानों ने टावर कंपनी द्वारा पर्याप्त मुआवजा नहीं देने के विरोध में प्रदर्शन किया। किसानों का कहना था कि प्रशासन उन्हें स्वतंत्र मूल्यांकन की अनुमति दे जिससे उनके खेतों में लगाए जाने वाले टावरों और कॉरिडोर का सही मूल्य तय हो सके।
उपायुक्त की ओर से सीटीएम अनिल कुमार मौके पर पहुंचे और किसानों से ज्ञापन लिया। उन्होंने आश्वासन दिया कि जिला प्रशासन इस दिशा में उचित कार्रवाई करेगा। किसान सभा के जिला सचिव मास्टर जगरोशन, उपप्रधान कामरेड ओमप्रकाश और भिवानी ब्लॉक प्रधान संतोष देशवाल ने बताया कि 400 केवी लाइन के टावर काफी जमीन घेरते हैं।
इसके अलावा खेतों के ऊपर से गुजरने वाले तारों से परिवारों को जान का खतरा बना रहता है। किसान न तो वहां मकान बना सकते हैं और न ही बागवानी कर सकते हैं जिससे जमीन की कीमत भी कम हो जाती है। ऐसे में किसानों को न्यायोचित मुआवजा मिलना चाहिए। उन्होंने मांग की कि किसानों को अपनी जमीन का उचित बाजार मूल्य तय कराने के लिए स्वतंत्र मूल्यांकनकर्ता नियुक्त करने की अनुमति दी जाए जिसकी फीस किसान स्वयं वहन करेंगे। उन्होंने कहा कि कुछ गांवों में प्रशासन ने यह अनुमति दी है और वहां मूल्यांकन संतोषजनक रहा है।
प्रदर्शन के बाद किसान नारेबाजी करते हुए हड़ताली अग्निशमन कर्मचारियों के धरना स्थल पर पहुंचे और किसान सभा की ओर से उन्हें समर्थन दिया। साथ ही सरकार से उनकी मांगें मानने की अपील की।
प्रदर्शन में सीटू नेता सुखदेव पालवास, पूर्व पार्षद ईश्वर मान और किसान सभा के तोशाम ब्लॉक सचिव नरेंद्र डाडम सहित अन्य लोग मौजूद रहे।