भाजपा कार्यालय के बाहर सरकार का पुतला फूंकते किसान।
भिवानी। भाजपा सरकार के कार्यकाल के दो वर्ष पूरे होने के बीच संयुक्त किसान मोर्चा ने सरकार की नीतियों के विरोध में प्रदर्शन किया। किसानों ने भाजपा कार्यालय के बाहर सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर फसल खरीद व उठान में देरी, खाद की किल्लत और टावरों के मुआवजे का भुगतान लंबित होने पर नाराजगी जताई।
संयुक्त किसान मोर्चा के प्रधान कमल ने कहा कि सरकार 24 फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद का दावा करती है। इसके बावजूद धान, बाजरा और मूंग जैसी खरीफ फसलों की खरीद में किसानों को परेशानी हो रही है। उपज बेचने और मंडियों से उठान में देरी के कारण किसानों को दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। प्रदर्शन में मा. शेर सिंह, किसान नेत्री संतोष देशवाल, उर्मिल मंडीवाल, उपासना सिंह और कर्ण सिंह जैनावास सहित अन्य किसान मौजूद रहे।
बारिश से फसलें खराब होने का आरोप
भारतीय किसान सभा के नेता कामरेड ओमप्रकाश ने आरोप लगाया कि खरीद और उठान में देरी से बड़ी मात्रा में फसल बारिश में भीगकर खराब हो गई। उनके अनुसार जीटी रोड क्षेत्र में करीब आठ लाख मीट्रिक टन धान और भिवानी अनाज मंडी में लगभग 5,500 मीट्रिक टन बाजरा बारिश से प्रभावित हुआ। उन्होंने कहा कि जियोटैगिंग, बायोमेट्रिक और मेरी फसल मेरा ब्यौरा जैसी प्रक्रियाओं से खरीद में देरी हो रही है। मंडियों में पर्याप्त शेड और उठान की व्यवस्था नहीं होने से समस्या बढ़ रही है।
किसान नेताओं ने डीएपी और यूरिया की किल्लत का मुद्दा उठाते हुए कहा कि किसानों को खाद के लिए भटकना पड़ रहा है। कई जगह वितरण के दौरान पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ता है। उन्होंने टावरों के उचित मुआवजे का भुगतान नहीं होने पर भी नाराजगी जताई और कहा कि लोहारू में करीब 11 महीने चले आंदोलन के बावजूद 250 करोड़ रुपये का भुगतान अब तक लंबित है।