राजनेताओं ने अपने सियासी फायदे के लिए पंजाब और हरियाणा को बांट दिया था, लेकिन किसान आंदोलन ने दोनों भाइयों को साथ ला खड़ा किया है। अब दोनों का भाईचारा अटूट हुआ है। यह बात पंजाब से बॉलीवुड कलाकार और निरंतर किसान आंदोलन में सक्रिय सोनिया मान ने कितलाना टोल पर किसानों के अनिश्चितकालीन धरने को संबोधित करते हुए कही।
मान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अहंकार में चूर हैं, यही वजह है कि कोरोनाकाल में जब पूरा देश महामारी से जूझ रहा था, बिना किसानों को विश्वास में लिए ये तीनों कानून बनाए। ये कानून सिर्फ बड़े घरानों को लाभ पहुंचाने के लिए बनाए गए हैं। उन्होंने हरियाणा के कलाकारों को किसान आंदोलन में भाग लेने का आह्वान किया। उनके अनुसार उन्होंने खुद 10 साल का कॅरिअर दांव पर लगा किसान आंदोलन में उतरने का फैसला लिया है।
दादरी से निर्दलीय विधायक और खाप सांगवान 40 के प्रधान सोमबीर सांगवान ने कहा कि सरकार किसान आंदोलन को जाति-पाती का जहर घोलकर तोड़ना चाहती थी, लेकिन सभी वर्ग समझ गए हैं कि ये तीनों कानून सबकी कमर तोड़ने वाले हैं। इसलिए सबने हाथ से हाथ जोड़कर इसे जनांदोलन बना दिया है। मंगलवार को 68वें दिन की अध्यक्षता नरसिंह डीपीई, बिजेंद्र बेरला, धर्मबीर समसपुर, रणधीर कुंगड़, बलबीर बजाड़, दिलबाग ढुल, सुभाष यादव, रोशनी, संतोष, नत्थूराम शर्मा, कर्ण सिंह, चंदू हड़ौदी ने संयुक्त रूप से की। मंच संचालन कामरेड ओमप्रकाश ने किया। इस अवसर पर धर्मेंद्र हुड्डा, सूरजभान सांगवान, राजू मान, शमशेर सांगवान, रणधीर घिकाड़ा, प्रो. राजेंद्र डोहकी, निर्मला देवी, प्रेम सिंह, सत्यवान बलियाली, दिलबाग ग्रेवाल आदि मौजूद रहे।
किसानों के लिए झोपड़ी बनाने के लिए भेजे सरकंडों के पूले
भिवानी। आंदोलनरत किसानों को गर्मी से बचाने के लिए दिल्ली टीकरी बॉर्डर पर किसानों के लिए झोपड़ी बनाने हेतु तोशाम ब्लॉक से सरकंडों के पूले से भरे ट्रैक्टर रवाना हुए। भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष राकेश आर्य नीमड़ीवाली ने बताया कि तोशाम ब्लॉक प्रभारी राजेश पंघाल व युवा जिला उपाध्यक्ष सुरेंद्र पंघाल के नेतृत्व में उन्होंने सरकंडों से भरे ट्रैक्टरों को रवाना किया है। आंदोलनकारी किसानों को तेज धूप से बचाने के लिए बॉर्डर पर झोपड़ियां बनवाई जाएंगी।