भिवानी। जनसुविधाओं की आस में गांव छोड़कर शहर का रुख किया और लाखों खर्च कर आवास बनाया, मगर यहां आने के बाद अनगिनत समस्याओं से घिर गए हैं। कच्ची गलियों के अंदर धूल उड़ रही है तो लटक रहे बिजली तार हादसे का सबब बने हैं। यहां सीवरलाइन है न पीने के पानी का कोई इंतजाम। शहरी हिस्से के होने के बाद भी गांव से बदतर हालात हैं। यह कहना है कोंट रोड डीएवी स्कूल के पास करीब डेढ़ दशक से रहने वाले न्यू शास्त्री कॉलोनी के लोगों का।
दरअसल, नगर परिषद ने हाल ही में इसे अधिकृत दायरे में शामिल कर दिया है। बावजूद इसके अभी तक यहां की गलियारे विकास से अछूते हैं। कोंट रोड डीएवी स्कूल के आसपास के इलाके में अधिकृत दायरे में आने वाले लोगों का कहना है कि यहां अधिकतर गांवों से आकर लोग बसे हैं। उनका मानना था कि शहर में जाने के बाद जनसुविधाएं मिलेंगी। यहां गलियां कच्ची पड़ी हैं और पीने के पानी का भी कोई प्रबंध नहीं है। डेढ़ दशक से ये इलाका घनी शहरी आबादी का हिस्सा बन चुका है। मगर शहर में होकर भी यहां गांव से बुरे हालात हैं। कुछ कॉलोनी के लोग को गांव नांगल से पीने का पानी लाते हैं। भूमिगत पानी भी पीने लायक नहीं है। पेयजल लाइन भी कुछ हिस्से में हैं। जबकि अधिकांश लोगों ने अपने खर्च पर ही पानी के कनेक्शन करने शुरू किए हैं, ताकि पानी का प्रबंध हो सके। लेकिन ये कनेक्शन भी अनधिकृत ही हैं।
इस कॉलोनी में पीने के पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। इसलिए दस किलोमीटर दूर जाकर पीने का पानी लाना पड़ता है। पानी के टैंकर भी काफी महंगे हैं। कच्ची गलियां होने के कारण यहां टैंकर भी नहीं आते हैं। गंदे पानी की निकासी की भी कोई व्यवस्था नहीं है। कॉलोनी की समस्याओं को लेकर पार्षद से लेकर अधिकारियों तक गुहार लगा चुके हैं, समाधान नहीं हुआ।
-सहजराम, क्षेत्रवासी
यहां पर मैंने अपना नया मकान ये सोचकर बनाया था कि था कि शहर में सभी सुख सुविधाएं मिलेंगी। हम यहां पर एक साल पहले ही आए थे। लेकिन यहां पर कोई सुविधा नहीं है। गली कच्ची है और न स्ट्रीट लाइट है न बिजली। सीवर और पीने के पानी की लाइन भी नहीं डाली गई हैं।
-ओमबीर, क्षेत्रवासी
पीने के पानी को सात साल से तरस रहे हैं। कच्ची गलियां हैं, स्ट्रीट लाइटें नहीं हैं। इलाके में चोरियां हो रही हैं। गलियों के अंदर भी बिजली तार लटक रहे हैं। यहां की समस्याएं अनगिनत हैं, मगर समाधान आज तक एक का भी नहीं हुआ है।
- सावित्री क्षेत्रवासी
यहां पर पानी की सबसे बड़ी समस्या है। पानी के लिए काफी दूर जाना पड़ता है। टैंकर के लिए भी महंगे पानी पीना पड़ता है। कुछ लोगों ने अपने स्तर पर मुख्य लाइन से पानी के कनेक्शन लिए हैं, लेकिन उनके घरों तक भी पानी नहीं पहुंच रहा है। जनप्रतिनिधि वोट लेने ही आते हैं, अब चुनाव है तो वायदे करने आएंगे, तब उन्हें अपनी समस्या बताएंगे।
-कृष्णा, कॉलोनीवासी
शहर में नगर परिषद का जो दायरा अधिकृत हुआ है। उस दायरे का सर्वेक्षण कराकर विकास कार्य कराए जाएंगे। सीवर और पानी की लाइनें अमृत द्वितीय चरण में डलवाई जाएंगी। इसके अलावा स्ट्रीट लाइटें और साफ सफाई की व्यवस्था के लिए भी प्रबंध किए जाएंगे।
-भवानी प्रताप सिंह, चेयरपर्सन प्रतिनिधि, नगर परिषद भिवानी।