करीब तीन महीने बाद नगर परिषद की राजनीति फिर गरमा गई है। करीब दर्जनभर पार्षदों ने कार्यकारी चेयरमैन मामनचंद के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उपायुक्त से मुलाकात की। पार्षदों ने शहर में विकास कार्य नहीं होने और भेदभाव बरते जाने के आरोप लगाते हुए रिक्त चेयरमैन पद के लिए जल्द चुनाव कराने की मांग की। उपायुक्त ने पार्षदों को जल्द चुनाव कराने का आश्वासन दिया।
सोमवार सायं करीब पांच बजे करीब दर्जनभर पार्षद एकत्रित हुए और उपायुक्त से मिलने उनके आवास पहुंचे। पार्षदों ने उपायुक्त से चेयरमैन के रिक्त पद के लिए जल्द चुनाव कराने की मांग की। पार्षदों ने कार्यकारी चेयरमैन पर शहर में विकास कार्य नहीं कराने के आरोप लगाए। साथ ही गली निर्माण के लिए चयनित गलियों व स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए चयनित गलियों में भी भेदभाव का आरोप लगाया। पार्षद वीरेंद्र ने फोन पर बातचीत में बताया कि कार्यकारी चेयरमैन का नप में कोई नियंत्रण नहीं है।
शहर में विकास कार्य नहीं हो रहे। पिछले दिनों खरीदी गई करीब 1876 स्ट्रीट लाइटों को लगाने में भी भेदभाव बरता जा रहा है। किसी के वार्ड में डेढ़ सौ लाइटें लग रही हैं तो किसी में नाममात्र की। करीब 12-13 पार्षदों ने डीसी से चेयरमैन पद का चुनाव जल्द कराने की मांग की। पार्षद विरेंद्र ने बताया कि उपायुक्त ने उन्हें आगामी कुछ दिन में ही चुनाव की तिथि घोषित करने का आश्वासन दिया है।
तीन माह पहले पंचगावा के खिलाफ खोला था मोर्चा
पार्षदाें ने अप्रैल माह में पूर्व चेयरमैन विजय पंचगावा के खिलाफ मोर्चा खोला था और अविश्वास प्रस्ताव लाते हुए उन्हें चेयरमैन पद से हटवा दिया। उसके बाद से चेयरमैन का पद रिक्त है। उप प्रधान मामनचंद को कार्यकारी चेयरमैन बनाया गया और वहीं कार्यभार संभाले हुुए है। कार्यकारी चेयरमैन मामनचंद कांग्रेस पार्टी से हैं। उनके विरोध में उतरे पार्षदों में भी कुछ कांग्रेस से हैं। हालांकि विरोध करने वाले पार्षदों में इनेलो के भी पार्षद शामिल हैं।