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Bhiwani News: गांवों में एक माह बाद भी जलभराव की मार, प्रशासन के प्रबंध फेल

Sat, 13 Sep 2025 11:26 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
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बवानीखेड़ा में पानी से गुजर कर स्कूल जाते बच्चे। 
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भिवानी। जिले के कई गांवों में एक माह से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी प्रशासन द्वारा किए गए जलभराव के प्रबंध फेल साबित हो रहे हैं। आबादी वाले क्षेत्रों में दूषित पानी जमा है और लोग लगातार सरकार से पानी निकासी कराने की गुहार लगा रहे हैं। प्रशासन की तरफ से पंप और मोटर के माध्यम से निकासी का प्रयास जारी है लेकिन पानी नियंत्रण से बाहर है। जलभराव से परेशान लोग रोड जाम कर रहे हैं और स्थानीय विधायक के घरों पर डेरा डालकर अपना दुखड़ा सुना रहे हैं। सबसे ज्यादा समस्या बवानीखेड़ा और तोशाम विधानसभा क्षेत्रों के गांवों में है जहां पानी को एक स्थान से दूसरे स्थान पर डालकर कस्बे और आसपास के गांवों में घुमाया जा रहा है।
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बवानीखेड़ा में इन स्थानों पर बनी है समस्या
बवानीखेड़ा के बस स्टैंड परिसर, दादी गौरी खेल मैदान, बिजली घर, हांसी चुंगी मार्ग, मुख्य मार्ग, सुद्दी जोहड़ के पास कॉलोनी और राजकीय महिला महाविद्यालय के पास जलभराव की स्थिति गंभीर है। बच्चों को पानी में से होकर स्कूल पहुंचना पड़ रहा है।

महिला महाविद्यालय में लग रहीं ऑनलाइन कक्षाएं
कस्बा बवानीखेड़ा में विधायक कपूर सिंह के पत्र के बाद छात्राओं की कक्षाएं ऑनलाइन लगाई जा रही हैं। कई गांवों में स्कूलों में पानी जमा होने से पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
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बीरण और सागवान में प्रभावित स्वास्थ्य सुविधा
बीरण और सागवान के स्वास्थ्य केंद्रों में जलभराव के कारण मरीज और चिकित्सक दोनों परेशान हैं। बवानीखेड़ा में जर्जर भवन की छतें और दीवारें बारिश और जलभराव से उखड़ रही हैं।

लोहारी जाटू में बिगड़े हालात
जलभराव के कारण पानी खेतों के रास्ते आबादी क्षेत्र में पहुंच रहा है। लोग प्रशासन से पानी निकासी का प्रबंध करने की मांग कर रहे हैं। बवानीखेड़ा की तरफ से मुख्य मार्ग पर भी पानी खड़ा है।


अस्पतालों में बढ़ी मरीजों की भीड़
जलभराव के कारण बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। शहर के निजी व सरकारी अस्पतालों में मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय मेडिकल कॉलेज के ओपीडी में मरीजों की संख्या 1100 से बढ़कर 1800 तक पहुंच गई। त्वचा और सामान्य रोग विशेषज्ञ के पास भी अधिक भीड़ है।

सागवान में भी लोगों को नहीं मिल रही राहत
तोशाम। गांव सागवान में मकान, गलियां और सार्वजनिक स्थल पानी-पानी हैं। मकानों में दरारें पड़ गई हैं। महीने भर से जमा पानी अब बदबू मारने लगा है और काई जमने से पानी पर हरी पट्टी बनी हुई है। अधिकांश आबादी गांव छोड़ चुकी है। अगस्त के पहले सप्ताह में टूटे ड्रेन के कारण पानी आया और लगातार बढ़ता गया। लोग सबसे पहले पशुधन सुरक्षित स्थान पर ले गए और इसके बाद ज्यादातर आबादी पलायन कर गई।
एक अधेड़ उम्र की महिला ने बताया कि चार साल पहले बनाए गए मकान सब तबाह हो गए और ऊपर से लड़कियों की शादी की चिंता भी है। कस्बे में किराये पर मकान तलाश रहे लोगों का कहना है कि गांव की वापसी में समय लगेगा।

पांच वर्षों में बनी कोठियां भी तबाह
गत पांच वर्षों में गांव में कई बड़े मकान और कोठियां बनी थीं लेकिन ड्रेन के पानी ने सब तबाह कर दिया। सरपंच प्रतिनिधि बलजीत सिंह ने बताया कि हालात सामान्य नहीं हैं। पानी घटने के बाद फिर बढ़ जाता है। कुल मिलाकर गांव तालाब में तब्दील है।
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