भिवानी। 56 दिन तक मनीषा मौत मामले की जांच के बाद सीबीआई की टीम दिल्ली लौट गई है लेकिन अब भी मनीषा की मौत से पर्दा नहीं उठा है। मनीषा के पिता संजय का कहना है कि सीबीआई अधिकारियों से बुधवार को फोन पर बात हुई थी, जांच अधिकारी आश्वासन दे रहे हैं। हालांकि मनीषा के पिता को भी इस बात की ठीक से जानकारी नहीं है कि सीबीआई की टीम सोमवार को ही दिल्ली लौट गई थी।
मनीषा के परिजनों की मांग पर हरियाणा सरकार ने मामले की जांच सीबीआई को सौंपी थी। सीबीआई के जांच अधिकारी भिवानी के रेस्ट हाउस से दिल्ली लौट चुके हैं। हालांकि मनीषा के पिता संजय का दावा है कि अभी सीबीआई के जांच अधिकारी यहीं पर है, उसकी बुधवार को सीबीआई के निरीक्षक से फोन पर बात हुई थी। उन्हें यही बताया था कि वे यहीं हैं और जांच कर रहे हैं।
13 अगस्त को मिला था मनीषा का शव
गांव ढाणी लक्ष्मण निवासी 19 वर्षीय मनीषा 11 अगस्त को प्ले स्कूल में ड्यूटी पर गई थी। इसके बाद उसने परिजनों से नर्सिंग कॉलेज में दाखिला लेने के लिए जाने की बात कही थी लेकिन वह घर नहीं लौटी। 13 अगस्त को मनीषा का शव गांव सिंघानी के खेतों में मिला था। तभी से मनीषा मौत की गुत्थी उलझती चली गई। हालांकि परिवार मनीषा की हत्या का शक जता रहा है जबकि पोस्टमार्टम की विरोधाभाषी पोस्टमार्टम की रिपोर्ट ने मामले को उलझा डाला। सीबीआई ने मामले की जांच तीन सितंबर से कर रही है। अब तक सीबीआई की टीम तीन बार दिल्ली लौट चुकी है। जबकि मौत से पर्दा अभी तक नहीं उठा है। हालांकि सीबीआई अब तक घटना स्थल का मुआयना करने से लेकर गवाहों से पूछताछ भी कर चुकी है। मनीषा की तीनों पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी सीबीआई के पास है।
नगर परिषद घोटाले की जांच भी कर ही सीबीआई
भिवानी में सीबीआई के पास पहले भी नगर परिषद घोटाले से जुड़े मामलों की जांच रही है। ये मामले काफी लंबे खिंच चुके हैं। हालांकि सीबीआई नगर परिषद घोटाले में अपनी जांच रिपोर्ट हाई कोर्ट को सौंप चुकी है, लेकिन अभी तक इस घोटाले से जुड़े सभी लोगों पर आंच नहीं आई है।