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अवैध निर्माण तोड़ने के दौरान डीटीपी और नप चेयरमैन भिड़े, दोनों ने लगाए आरोप

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राजीव कॉलोनी में अवैध निर्माण गिराता जेसीबी। संवाद न्यूज एजेंसी। - फोटो : Bhiwani
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भिवानी। शहर की राजीव कॉलोनी के समीप जिला योजनाकार विभाग (डीटीपी) की टीम वीरवार को अवैध निर्माण तोड़ने पहुंची। इसी दौरान वहां कुछ लोगों द्वारा किए गए निर्माण तोड़े जाने पर विवाद हो गया। मौके पर नगर परिषद के चेयरमैन रणसिंह यादव भी पहुंचे और उन्होंने नगर परिषद के दायरे में आने वाले वैध निर्माण नहीं तोड़े जाने का अनुरोध किया, लेकिन डीटीपी की टीम ने सीधे डीसी के आदेशों का हवाला देकर निर्माण तोड़ डाले। इस पर नप चेयरमैन की मौके पर मौजूद कर्मचारियों के साथ भी तीखी नोकझोंक हुई और चेयरमैन ने सीधे तौर पर डीटीपी और डीसी पर आरोप लगा डाले।
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वहीं क्षेत्र के लोगों ने भी उनके निर्माण गलत तरीके से तोड़े जाने के आरोप लगाए। एक सैनिक के परिवार के सदस्यों ने बताया कि पिछले 15 वर्षों से वे मकान बनाकर रह रहे हैं। उनकी जमीन की रजिस्ट्री 2005 में हुई थी, लेकिन अब उनके निर्माण को भी तोड़ा जा रहा है। राजीव कॉलोनी के लोगों ने बताया कि खुले पड़े प्लॉटों में लोग कचरा डाल रहे हैं। इसी वजह से नगर परिषद ने उन्हें अपने प्लॉटों की घेराबंदी कराए जाने के आदेश दिए थे ताकि यहां पर कोई कचरा न फैलाए। मगर अब डीटीपी व जिला प्रशासन ने उनके निर्माण तोड़ डाले। उधर, डीटीपी ने नप चेयरमैन द्वारा ही यह अवैध कॉलोनी काटे जाने की बात कही है और उनके द्वारा लगाए गए आरोपों को बेबुनियाद बताया है।
सड़क के बीच बने मकान न तोड़ें, पैसे न देने वालों के तोड़े निर्माण : रणसिंह
नगर परिषद के चेयरमैन रणसिंह यादव ने मीडिया के समक्ष कहा कि वे शहर के प्रथम नागरिक होने के नाते डीटीपी की टीम को समझा रहे थे कि जो निर्माण वैद्य हैं, उन्हें न तोड़े और जो निर्माण अवैध हैं उन पर कार्रवाई करें। मगर डीसी के आदेशों का हवाला देकर गरीब लोगों के निर्माण गलत तरीके से तोड़े गए हैं। निर्माण पर कार्रवाई करने से पहले तीन दिन का नोटिस देना चाहिए था। चेयरमैन ने डीटीपी पर रिश्वतखोरी का आरोप लगाते हुए कहा कि सड़क के बीच अवैध रूप से मकान बना रखे हैं, उन्हें डीटीपी की टीम ने नहीं तोड़ा, जबकि जिन लोगों ने पैसे नहीं दिए, उनके मकान तोड़ डाले।
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यहां हुई कार्रवाई
नगर योजनाकार विभाग द्वारा वीरवार को शहरी क्षेत्र भिवानी लोहड़ व मौजा पालुवास में सेक्टर 23 के पीछे भिवानी-गुजरानी रोड पर तीन अवैध कॉलोनियों में लगभग आठ एकड़ में 15 डीपीसी व 45 चारदीवारी सहित सात अवैध निर्माण तोड़े गए। इन कॉलोनियों में अवैध रूप बनाई सड़क पर भी पीला पंजा चलाया गया। इस दौरान ड्यूटी मजिस्ट्रेट जिला राजस्व अधिकारी प्रमोद चहल भी मौजूद रहे।
डीसी ने लगाए घर पर 50 कर्मचारी, इसीलिए नहीं हो रही शहर में सफाई
इसके अलावा चेयरमैन रणसिंह यादव ने आरोप लगाते हुए कहा कि डीसी की कोठी पर नगर परिषद के 50 सफाई कर्मचारी लगे हुए हैं, इसी वजह से शहर में साफ सफाई नहीं हो रही है। अगर वे इसका विरोध करते हैं तो उन्हें ही धमकियां मिल रही हैं।
नप चेयरमैन ने ही काटी हुई है यह अवैध कॉलोनी : डीटीपी
जिला योजनाकार अधिकारी धर्मबीर सिंह ने बताया कि चेयरमैन ने खुद यह अवैध कॉलोनी काटी हुई है। निगम के ईओ ने रिपोर्ट में उनका नाम दिया था। यही नहीं चेयरमैन ने कॉलोनी में अवैध रूप से नगर परिषद के बेंच भी लगाए हुए हैं। अब जब प्रशासन ने सख्ती करते हुए यह कार्रवाई की तो वह उन पर निराधार आरोप लगा रहे हैं। एक जनता का नुमाइंदा होने के बावजूद अवैध निर्माण हटाने के दौरान चेयरमैन ने सरकारी काम में बाधा डालने की कोशिश की है।
वर्जन
सरकार के आदेशों पर जिले में सर्वे कराया गया था। डीटीपी व नप ईओ द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट में चेयरमैन का नाम भी शामिल है कि उन्होंने अवैध कॉलोनी काटी हुई है। अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई के बाद वहां होर्डिंग लगवाए जा रहे हैं ताकि शहरवासी कॉलोनाइजर के झांसे में न आएं। चेयरमैन ने सरकारी काम में बाधा डाली है। इसे लेकर ड्यूटी मजिस्ट्रेट व ईओ ने लिखित में मुझे शिकायत दी है, जिस पर कार्रवाई की जाएगी। शहर की सफाई व्यवस्था के लिए हम दिन-रात जुटे हुए हैं। चेयरमैन का यह आरोप बेबुनियाद है।
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- जयबीर सिंह आर्य, उपायुक्त, भिवानी
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