भिवानी। सिंघानिया सदन धर्मशाला में आनंद ब्रदर्श सेवा समिति की ओर से आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन सोमवार को भगवान श्रीराम के जीवन और मर्यादाओं पर विशेष प्रकाश डाला गया। कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित हुए और भावविभोर होकर कथा का रसपान किया।
वृंदावन से पधारे प्रसिद्ध कथावाचक राधेश्याम शास्त्री ने भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े प्रसंगों का विस्तारपूर्वक वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम केवल एक राजा ही नहीं, बल्कि मर्यादा पुरुषोत्तम हैं।
उनके जीवन में पुत्र धर्म, भ्राता प्रेम, पति धर्म, राजा धर्म और मित्र धर्म जैसे प्रत्येक क्षेत्र में मर्यादाओं का पालन देखने को मिलता है। यदि व्यक्ति अपने जीवन में श्रीराम के आदर्शों को अपनाए तो समाज से अनेक बुराइयां स्वतः समाप्त हो सकती हैं। कथा के दौरान भक्ति संगीत, श्लोक और भावपूर्ण व्याख्या से वातावरण भक्तिमय बना रहा।