उपभोक्ताओं की शिकायतों का लेखा-जोखा व समाधान के लिए कर्मचारियों द्वारा उठाए गए प्रभावी कदम की अब अधिकारी नियमित समीक्षा करेंगे। इसके लिए रेलवे रोड स्थित मुख्य पावर स्टेशन में हेल्प डेस्क खोला जाएगा। यहां अपनी शिकायत दर्ज कराने के लिए उपभोक्ता को एक फॉर्म भरना होगा। इसके बाद उपभोक्ता को समस्या के निदान के लिए एक समयावधि दी जाएगी और इसी समयावधि में शिकायत का निवारण कर दिया जाएगा। अगर ऐसा नहीं होता है तो उच्चाधिकारी संबंधित फिल्ड कर्मचारी से इस संबंध में सवाल-जवाब भी करेंगे। अगर कर्मचारी अपने पक्ष से अधिकारियों को संतुष्ट नहीं कर पाया तो उस पर विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। जिला मुख्यालय पर वर्तमान में प्रतिदिन सवा सौ से अधिक शिकायतें प्रतिदिन अधिकारियों के पास लिखित में पहुंच रही हैं।
अब पूरे शहर की बिजली से जुड़ी समस्याएं एक ही जगह लिखी जाएंगी। निगम के अधिकारियों ने प्रदेश के अन्य जिलों की भांति शहर में भी हेल्प डेस्क खोलने की योजना तैयार कर ली है। इस प्लानिंग को धरातल पर सिरे चढ़ाने के लिए इसका खाका तैयार किया जा चुका है। उच्चाधिकारियों पहले ही इसके लिए अपनी हरी झंडी दिखा चुके हैं। निगम अधिकारियों की मानें तो अगले सप्ताह हेल्प डेस्क स्थापित कर दिया जाएगा। इस योजना से निगम को दो फायदे होंगे।
एक तो उपभोक्ताओं को समाधान के लिए भाग-दौड़ नहीं करनी पड़ेगी तो वहीं लापरवाह कर्मचारियों पर भी लगाम कसी जा सकेगी। निगम अधिकारियों की मानें तो अन्य जिलों में यह सेवा पिछले कुछ समय पहले ही शुरू हो गई थी लेकिन किसी कारणवश चखी दादरी जिले में यह सुविधा सुचारू रूप से शुरू नहीं हो पाई थी। वहीं, विभागीय सूत्रों की मानें तो जिले में इस सेवा का लाभ उपभोक्ताओं को देरी से मिलने का सबसे प्रमुख कारण अधिकारियों की ही नजरअंदाजी है। अब जिला मुख्यालय पर इस सेवा के शुभारंभ का कारण शहर के कंप्लेंड सेंटरों पर दर्ज होने वाली शिकायतों में इजाफा भी है।
शिकायत सहित उपभोक्ता को भरना होगा फॉर्म में पूरा ब्यौरा
बिजली संबंधी परेशानियां झेल रहे उपभोक्ताओं को अब शिकायत के निवारण के लिए निगम के कर्मचारियों के आगे-पीछे नहीं घूमना पड़ेगा। उपभोक्ता को हेल्प डेस्क से एक फॉर्म प्राप्त होगा। इसमें उपभोक्ता को अपना नाम, पता, मोबाइल नंबर व शिकायत का ब्यौरा देना होगा। इसके बाद उपभोक्ता को यह फॉर्म हेल्प डेस्क पर ही जमा करवाना होगा। इसके तुरंत बाद उपभोक्ता को संबंधित कर्मचारी की जानकारी दे दी जाएगी। उपभोक्ता को शिकायत नंबर दिया जाएगा और इसके बाद इस कंप्लेंड को हेल्प डेस्क पर नियुक्त कर्मचारी सूची में चढ़ाकर अधिकारियों के पास भेज देगा।
नए बिजली कनेक्शन के लिए भी यहीं मिलेगा फॉर्म
हेल्प डेस्क सुविधा का लाभ नया बिजली कनेक्शन लेने के इच्छुक लोग भी उठा सकते हैं। उपभोक्ता यहां से ये फॉर्म लेकर इसमें कनेक्शन के लोड सहित आवेदक का पूरा ब्यौरा भी भरना होगा। नए कनेक्शन की फाइल पर आगामी कार्रवाई के लिए गठित टीम संज्ञान लेगी। फॉर्म जमा करवाते ही उपभोक्ता को आगामी प्रक्रिया पूरी करने के लिए एक निश्चित समय दिया जाएगा। निगम के अधिकारियों की मानें तो पिछले करीब दो माह में डेढ़ सौ से अधिक बिजली मीटरों की फाइल निगम कार्यालय में जमा हुई है।
समीक्षा बैठक में गिरेगी कर्मचारी पर गाज
निगम के एसडीओ विक्रम सिंह परमार ने बताया कि हेल्प डेस्क पर आने वाली शिकायतों की प्रतिदिन सूची तैयार करवाई जाएगी। यह सूची प्रतिदिन संबंधित फील्ड कर्मचारी व अधिकारी के पास पहुंचेगी। इसके बाद निश्चित समय से पहले संबंधित कर्मचारी से इसकी अपडेट ली जाएगी। अगर इस दौरान कर्मचारी की लापरवाही पाई जाती है तो उस पर कार्रवाई का प्रावधान भी इसमें शामिल होगा। इसके अलावा समय-समय पर फील्ड कर्मचारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित कर शिकायतों पर चर्चा की जाएगी।
जनता को नहीं भटकना पड़ेगा इधर-उधर
--जयदेव मनोचा ने बताया कि बिजली विभाग से हेल्प डेस्क खोलने से उपभोक्ताओं की परेशानियां कम हो जाएंगी। हेल्प डस्क से लोगों को इधर-अधर नहीं भटकना पड़ेगा। यह निगम की अच्छी प्लानिंग है।
--सूरज ने बताया कि अधिकारियों को समस्या से अवगत कराने के लिए काफी देर तक इंतजार करना पड़ता था लेकिन अब समस्या सीधी अधिकरी के पास पहुुंच जाएगी। इससे आमजन का समय भी जाया नहीं होगा।
-- आरजू ने बताया कि विभाग की हेल्प डस्क से लोगों को काफी फायदा होगा। एक फार्म से शिकायत सीधी अधिकारी के पास पहुंच जाएगी। लोगों का काफी समय भी बच जाएगा व उनका काम भी हो जाएगा।
--जितेंद्र ने बताया कि हेल्प डस्क की शुरूआत होने पर अधिकारियों को समस्याओं से अवगत करवाने के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा। अधिकारियों के संज्ञान में भी मामला आने से कर्मचारियों की मनमानी पर लगाम लगेगी।
वर्जन:
हेल्प डेस्क की सुविधा उपभोक्ताओं को इसी सप्ताह हम मुहैया करवा देंगे। इसकी तैयारियां हमने पूरी कर ली हैं। शिकायतों के समाधान में अगर किसी कर्मचारी ने लापरवाही बरती तो उस पर भी विभागीय कार्रवाई की जाएगी। प्रतिदिन करीब सवा सौ शिकायतें ?कंप्लेंड सेंटरों पर पहुंच रही हैं।
विक्रम सिंह परमार, एसडीओ, बिजली निगम