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ट्रेड लाइसेंस न बनवाने वाले 150 कारोबारियों को नोटिस

Tue, 09 May 2017 01:43 AM IST
ब्यूरो /अमर उजाला
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ट्रेड लाइसेंस न बनवाने पर नोटिस - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शहर के कारोबारियों को नगर परिषद का डेंजरस एवं ऑफेंसिव ट्रेड लाइसेंस बनाने की योजना रास नहीं आ रही। दुकानदार नप अधिकारियों की इस नई प्लानिंग से खुद को जोड़ने से पीछे हट रहे हैं। अब नगर परिषद अधिकारियों ने इस मामले में लापरवाह कारोबारियों पर लगाम कसने की तैयारियां कर ली हैं। प्रथम चरण में नप करीब 150 से अधिक कारोबारियों को ट्रेड लाइसेंस की एवज में नोटिस थमा चुकी है।
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इसी सप्ताह और भी नोटिस तैयार करवाकर दुकानदार व बड़े कारोबारियों को भेजेगी। नोटिस में लाइसेंस बनवाने के लिए कारोबारी को एक सप्ताह का समय दिया जा रहा है। अगर इस दौरान भी दुकानदार ने इसके लिए आवेदन नहीं किया तो उस पर जुर्माने के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई भी नगर परिषद अधिकारी करवा सकते हैं।

नगर परिषद की ट्रेड लाइसेंस बनाने की प्लानिंग को गत चार फरवरी के संस्करण में अमर उजाला ने ‘अब व्यापारियों को बनवाना पड़ेगा ट्रेड लाइसेंस’ नामक शीर्षक से प्रकाशित किया था। इसके तहत पान की दुकान से लेकर बैंक्वेट हॉल संचालकों के लिए ाअपने व्यवसाय को जारी रखने के लिए नप से डेंजरस एवं ऑफेंसिव ट्रेड लाइसेंस बनवाना अनिवार्य किया गया था।
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इस प्लानिंग को लागू हुए दो माह से अधिक का समय बीत गया लेकिन अब तक महज 50 ट्रेड लाइसेंस ही नगर परिषद से जारी हुए है। इसके लिए व्यापारी को अपनी कैटेगरी के मुताबिक शुल्क भी भरना पड़ता है। नगर परिषद अधिकारियों की उदासीनता के चलते दो साल से यह प्लानिंग ठंडे बस्ते में पड़ी थी जबकि इससे नगर परिषद की आय बढ़ना भी स्वाभाविक था।

करीब पांच-छह माह से नप अधिकारी परिषद की आय बढ़ाने के लिए नित नए विकल्प तलाश कर रहे हैं। इसी योजना के तहत गत फरवरी माह में शहर के कारोबारियों को ट्रेड लाइसेंस अलॉट करने की योजना तैयार की गई थी। नप की टैक्स शाखा ने इसका पूरा खाका तैयार कर उच्चाधिकारियों को भी इस प्लानिंग से अवगत करवाया था।

इसके बाद उच्चाधिकारियों ने भी इसे हरी झंडी देते हुए धरातल पर काम शुरू करने के निर्देश दिए थे। धरातल पर काम शुरू हुए करीब दो माह बीत चुके हैं लेकिन दुकानदारों का रूझान इस ओर कम ही है। गिने-चुने व्यापारियों ने ही नप कार्यालय परिसर पहुंचकर इसके लिए आवश्यक कार्रवाई पूरी की है। अब टैक्स शाखा के अधिकारियों की मानें तो फिलहाल शहर के दो प्रतिशत कारोबारियों ने ही इस प्रक्रिया को पूरा किया है।

दो टीमें दे चुकी हैं 150 नोटिस
इस मसले पर गंभीरता न दिखाने वाले दुकानदारों पर नप अधिकारियों ने कार्रवाई करने का मन बना लिया है। टैक्स सुपरीडेंटर प्रशांत पराशर का कहना हैं कि इन दुकानदारों को हमने नोटिस देने की योजना तैयार की थी और इसके लिए दो टीमें भी गठित की गई थीं। ये टीमें अब तक 150 व्यापारियों को नोटिस थमा चुकी हैं और इस सप्ता और भी नोटिस तैयार करवाकर कारोबारियों को भेजे जाएंगें।

120 से लेकर 1200 रुपये सालाना फीस लेने का प्रावधान
नप अधिकारियों की मानें तो शहर के करीब साढ़े तीन हजार कारोबारी इस दायरे में आते हैं। इनमें पान की दुकान से लेकर, फैक्ट्री, पेट्रोल पंप, बैंक्वेट हॉल संचालक सहित लगभग सभी तरह के कारोबारी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि कारोबार के हिसाब से इनकी कैटेगरी बनाकर शुल्क भी निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि इन कारोबारियों से 120 से लेकर 1200 रुपये सालाना फीस लेने का प्रावधान शामिल है।

यूं कर सकते हैं लाइसेंस बनवाने के लिए आवेदन
टैक्स सुपरिटेडेंट प्रशांत पराशर ने बताया कि डेंजरस एवं ऑफेंसिव ट्रेड लाइसेंस बनवाने के लिए दुकानदार, व्यापारी व उद्यमी को फार्म भरकर नगर परिषद कार्यालय में जमा करवाना होगा। इस दौरान उसे एक आवेदन पत्र लिखना होगा और इसमें उसे अपने कारोबार से संबंधित ब्यौरा देना होगा। उन्होंने बताया कि व्यवसाय की कैटेगरी के हिसाब से इसका शुल्क भी उन्हें जमा करवाना होगा।
वर्जन:
कारोबारियों को हम नोटिस दे रहे हैं। हमारी दो टीमें इस काम में लगी हुई है। कुछ नोटिस दिए जा चुके हैं और बचे हुए दुकानदारों को भी नोटिस देने की तैयारी है।  कारोबारियों को चाहिए कि वो ट्रेड लाइसेंस बनवाने के लिए आगे आएं। अगर नोटिस देने के बाद भी दुकानदार लाइसेंस नहीं बनवाता है तो फिर आगामी कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों से अनुमति ली जाएगी।
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प्रशांत पाराशर, टैक्स सुपरिटेडेंट, नगर परिषद
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