ढाणीमाहू गांव में शुक्रवार शाम बिजली फाल्ट ठीक करने के दौरान बिजलीकर्मी की करंट से मौत मामले में शनिवार सुबह सामान्य अस्पताल परिसर में हंगामा हुआ। परिजनों ने शव लेने से इंकार किया तो बिजली निगम के अधिकारी मौके पर पहुंचे। परिजनों को 10 लाख की राशि का सहायता चेक दिया। परिजनों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष मामले की जांच की मांग की है। शनिवार सुबह का का पोस्टमार्टम जिला सामान्य अस्पताल में कराया गया।
उल्लेखनीय है कि शुक्रवार शाम साढ़े चार बजे तोशाम क्षेत्र के गांव निगाना कलां निवासी 32 वर्षीय सुनील कुमार को करंट लग गया था। जिसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। सुनील बिजली विभाग में आउटसोर्सिंग के तहत एएलएम लगा था और शुक्रवार शाम को वह गांव ढाणीमाहू में बिजली फाल्ट को ठीक कर रहा था। भूपसिंह ने पुलिस को शिकायत में बताया है कि सात फरवरी को मनजीत के साथ अपने काम से ढाणीमाहू गए हुए थे। शाम को करीबन साढ़े चार बजे काम निपटाकर वापस घर लौट रहे थे कि मुकुल शिक्षा निकेतन के पास मोड़ पर हमारी आंखों के सामने देखते-देखते एक व्यक्ति पोल से गिरता हुआ दिखाई दिया साथ में एक कर्मचारी खड़ा हुआ था। नजदीक आने पर हमने पहचाना कि यह तो मेरा लड़का सुनील है। जल्दी से सुनील को तोशाम अस्पताल लेकर आए, लेकिन चिकित्सकों ने सुनील को मृत घोषित कर दिया। मामले की सूचना पुलिस को दी। मृतक कर्मचारी के पिता ने आरोप लगाया है कि उसके बेटे की मौत ढाणीमाहू पावर हाउस के कर्मचारी के कारण हुई है। बिजली निगम कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए परिजनों ने शनिवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव लेने से मना कर दिया। परिजनों ने कहा कि जब तक दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाएगी, वो शव नहीं लेंगे। सूचना मिलते ही बिजली विभाग के अधिकारी अस्पताल पहुंचे। उन्होंने परिजनों को उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया और मृतक सुनील के परिजनों को 10 लाख रुपये का चेक भी दिया। पुलिस ने शिकायत पर मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
साढ़े तीन साल पहले भी करंट से झुलसा था सुनील
मृतक सुनील के परिजनों ने बताया कि करीब साढ़े तीन साल पहले भी सुनील गांव ढाणीमाहू में ट्रांसफार्मर पर काम कर रहा था, तब भी बिजली विभाग की लापरवाही के कारण वह करंट की चपेट में आ गया था। जिसमें उसका हाथ चोटिल हुआ था। जिसका ईएसआई अस्पताल में इलाज चला था। करीब डेढ़ महीने तक वह बेड रेस्ट पर रहा था।
कर्मी की मौत से ढाई साल की बेटी ने पिता खोया तो तीन बहनों ने भाई
मृतक सुनील करीब सात साल पहले बिजली विभाग में नौकरी लगा था। वह ढाई साल की बेटी का पिता था और तीन बहनों का इकलौता भाई था। उसकी मौत के कारण पूरे परिवार सदमे में है। सुनील का पिता भूपसिंह गांव में ही खेतीबाड़ी करता है। अस्पताल में इकलौते बेटे की मौत से भूपसिंह की आंखें छलक आए।
सूचना मिलते ही बिजली विभाग अधिकारी जिला सामान्य अस्पताल पहुंचे। हमें बहुत दुख है कि हमारे विभाग के कर्मचारी की हादसे में मौत हो गई। इस संबंध में जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही मृतक सुनील के परिजनों को 10 लाख रुपये का चेक सहायता राशि के रूप में दिया है।
- रविन्द्र घणघण, एक्सईएन सीटी डिवीजन
सूचना मिलते ही मृतक सुनील के शव को कब्जे में कर पोस्टमार्टम के लिए जिला सामान्य अस्पताल पहुंचे। मृतक के पिता भूपसिंह के बयान पर बिजली विभाग पर लापरवाही बरतने का केस दर्ज किया है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। वही इस संबंध में जांच शुरू कर दी है।
- जांच अधिकारी एचसी रविकांत, तोशाम पुलिस थाना।
नागरिक अस्पताल में मृतक सुनील की मौत मामले में बिजली निगम के अधिकारियों से बातचीत करते हुए कर्मच?- फोटो : Bhiwani