बिजली-पानी समस्या से परेशान महिलाओं का गुस्सा मंगलवार को उफान पर आ गया। गांव धनाना की महिलाओं ने अधिकारियों व कर्मचारियों पर पैसे मांगने का आरोप लगाते हुए भिवानी-जींद मार्ग को जाम कर दिया। इससे मार्ग पर दो घंटे यातायात बाधित रहा। जाम लगने से सैकड़ाें वाहन फंसे रहे।
धनाना बस स्टैंड पर एकत्रित होकर महिलाओं ने मांग की कि जब तक उनकी समस्या का समाधान तथा दोनों विभागों में कार्यरत अधिकारियों का तबादला नहीं हो जाता तब तक वे जाम नहीं खोलेंगी। मौके पर पहुंचे जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग के एसडीओ आरके गर्ग के समझाने पर करीब दो घंटे बाद महिलाएं जाम खोलने पर राजी हुई।
मंगलवार दोपहर लगभग एक बजे धनाना की महिलाओें ने गांव में बिजली-पानी नहीं आने और ऊपर से समाधान के लिए पैसे की मांग करने पर नाराज होकर विद्या देवी के नेतृत्व में भिवानी-जींद मार्ग को जाम कर दिया। जाम पर बैठी महिलाओं और ग्रामीणों ने संबंधित विभाग पर आरोप लगाते हुए कहा कि गांव में पिछले कई महीनों से उचित मात्रा में बिजली और पानी नहीं आ रहा है।
जब कर्मचारियों या अधिकारियों से शिकायत करते हैं तो वे बिजली के पोल ना होने तथा जलघर की मोटर जलने का बहाना बना कर कहते हैं कि सब ग्रामीण मिलकर 10 हजार रुपये इकट्ठा करो तब समाधान होगा। उन्होंने कहा कि दोनों विभागों के कर्मचारियों व अधिकारियों से तंग आ कर ही महिलाओं ने जाम लगाने का निर्णय लिया है।
एसडीओ के समझाने पर खोला जाम
जाम लगने के कुछ देर बाद मुंढाल चौकी पुलिस मौके पर पहुंची तथा महिलाओं को समझाने का प्रयास किया। लेकिन महिलाएं समस्या का तुरंत समाधान करवाने तथा संबंधित विभाग के अधिकारियों को मौके पर बुलाने की जिद पर अड़ी रही। बिजली निगम के अधिकारी तो मौके पर नहीं पहुंचे लेकिन करीब एक घंटे बाद जनस्वास्थ्य विभाग के एसडीओ आरके गर्ग मौके पहुंचे।
उन्होंने दो दिन में पानी की समस्या के समाधान का आश्वसन देकर जाम खुलवाया। उन्हाेंने बताया कि गांव में बिजली बहुत ही कम मिल रही है। जो बिजली मिलती है उसकी वोल्टेज बिल्कुल कम होती है, जिस कारण मोटर नहीं चल पाती। बिजली विभाग के अधिकारियों से मिलकर दो दिन में समस्या का समाधान करवा दिया जाएगा। पैसे मांगने की बात पर उन्होंने कहा कि अगर कोई भी कर्मचारी या अधिकारी पैसे मांगता है तो ग्रामीण उसका नाम बताएं, वे उसके खिलाफ कार्रवाई करेंगे।