मथुरा आगरा घूमने गए चरखी दादरी शहर के एक ही परिवार के चार लोगों की नहर में गिरने से मौत हो गई और एक महिला आगरा के ट्रामा सेंटर में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही है। तीन शवों का एक साथ शहर के गामड़ी क्षेत्र स्थित शमशानघाट में अंतिम संस्कार किया गया। छह वर्षीय लड़की का शव दादरी नहीं पहुंचा था। अंतिम संस्कार में प्रशासनिक अधिकारियों के अलावा शहर के प्रबुद्ध लोग शामिल हुए।
जानकारी के अनुसार चरखी दादरी के सुभाष चौक क्षेत्र निवासी और वर्तमान में गुड़गांव के सेक्टर 46 में रह रहे हितेंद्र (45), उनकी मां प्रेमलता देवी (75), हितेंद्र की पत्नी बिमला (42), बेटा लविश मुंजाल (15), बेटी डोली (6) शनिवार को आगरा घूमने के लिए गए थे। रविवार को वापस आते समय दोपहर के समय उनकी कार मथुरा के कस्बा कोसीकला के समीप आगरा नहर में जा गिरी।
इसके चलते पूरा परिवार नहर में डूब गया। पुलिस प्रशासन ने नहर में डूबे लोगों को निकाला लेकिन तब तक चार लोगों की मौत हो चुकी थी। हितेंद्र की पत्नी बिमला आगरा ट्रामा सेंटर में जीवन और मौत के बीच संघर्ष कर रही है। डॉक्टरों के अनुसार फिलहाल हालत सीरियस है।
दादरी में रह रहे हितेंद्र के पिता मा. प्रेमप्रकाश राही को रविवार दोपहर बाद करीब डेढ़ पौने दो बजे फोन पर सूचना मिली कि उनके परिवार के साथ यह हादसा हो गया। बुजुर्ग पिता पर पहाड़ टूट पड़ा। उसने आसपास और परिवार के लोगों को सूचना दी। सोमवार को शहर पहुंचे तीन शवों का शमशानघाट में गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया। समाचार लिखे जाने तक हितेंद्र की लड़की छह वर्षीय डोली का शव दादरी नहीं पहुंचा था।
अंतिम संस्कार में सहकारिता मंत्री सतपाल सांगवान, इनेलो नेता एसडीएम गौरव कुमार, राजदीप फौगाट, जयकिशन शर्मा, पूर्व विधायक धर्मपाल संागवान, युवा कांग्रेसी नेता अजीत फौगाट, भारत वर्मा, व्यापारी नेता संजय छपारिया, डॉ. बीएन वर्मा, सुरेश वर्मा, नप के वाइस चेयरमैन बक्सी सैनी, मनोज वर्मा, प्रमोद यादव, बजरंगलाल गोयल, बलजीत फौगाट, रवि फौगाट, श्यामसुंदर, डॉ. बाबूराम वर्मा आदि अनेक लोग शामिल हुए।