बिजली चोरी और करोड़ों की बकाया बिजली बिलों की राशि निगम के अधिकारियों के लिए सरदर्द बनी हुई है। डिफाल्टर व बिजली चोरी करने वाले उपभोक्ताओं से निपटने के लिए बिजली निगम के अधिकारी अब सख्ती बरतने के मूड में हैं। बिजली निगम ने अर्बन क्षेत्र में फिलहाल 22 घंटे बिजली देने का शेड्यूल बनाया हुआ है। मगर बिजली चोरी के मामले इसमें आड़े आ रहे है। निगम अधिकारियों के अनुसार शहर में प्रतिदिन औसतन बिजली खपत पौने तीन लाख यूनिट के करीब है। इसमें से 45 प्रतिशत बिजली चोरी की जा रही है। ऐसे में मजबूरीवश महज 15 घंटे ही बिजली पूरे शहर को मुहैया हो पा रही है। निगम अधिकारियों के लिए अधिकतम लाइन लॉस टारगेट 15 प्रतिशत है। ऐसे में शहर में फिलहाल तय सीमा से तीन गुणा ज्यादा बिजली चोरी हो रही है। इससे प्रतिदिन निगम को करीब 25 से 30 लाख की चपत लग रही है। पिछले सप्ताह ही निगम अधिकारियों ने बिजली चोरी पकड़ने के लिए तीन टीमें बनाई है। एक टीम में पांच सदस्य है और हर टीम की अगुवाई एक जेई कर रहा है। अब तक टीम सदस्यों ने रेलवे रोड़ पर तीन, शांति अस्पताल वाली गली में दो, पुरानी अनाज मंडी में दो, वार्ड नंबर 18 में एक बिजली चोरी का केस पकड़ा है। इन उपभोक्ताओं पर दो से पांच हजार रुपये तक जुर्माना भी लगाया है।
शनिवार को भी दूर होंगी बिल की त्रुटियां
निगम के एक्सईएन ने बताया कि उपभोक्ताओं की सहूलियतों के लिए निगम ने नई योजना भी तैयार की है। इसके तहत अब शनिवार को भी बिल काउंटर भी खुला रहेगा। इस दौरान बिल ठीक होने के अलावा बिल भरा भी जाएगा। उपभोक्ताओं की तरफ निगम की करीब साढ़े चार करोड़ रुपये बकाया है। आगामी डेढ़ माह के अंदर इनकी रिकवरी करना ही निगम का लक्ष्य रहेगा। ै।
शहर के बिजली कनेक्शनों के ये हैं आंकड़े
17,700 घरों में हैं बिजली कनेक्शन, दुकानों के हैं करीब 3350 कनेक्शन. स्ट्रीट लाइटों के हैं 21 कनेक्शन. बड़े उद्योगों के हैं 20 कनेक्शन. लघु उद्योगों के 278 कनेक्शन. शहर में ट्यूबवेल के हैं 21 कनेक्शन