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विदेशी तकनीक से चलेंगे तीनों पावर सब स्टेशन

Mon, 24 Apr 2017 01:36 AM IST
ब्यूरो /अमर उजाला
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जिले में बनने वाले तीनों पावर सब स्टेशन विदेशी तकनीक पर आधारित होंगे। इनके निर्माण के वर्क ऑर्डर भी एक साथ जारी होंगे। इन प्रोजेक्टों की फाइल हेड ऑफिस के पास पहुंच चुकी है। इन पावर सब स्टेशनों  के निर्माण में विदेशी तकनीक का इस्तेमाल होगा और किसी दूसरे देश की कंपनी को भी इनके निर्माण का टेंडर अलॉट किया जा सकता है।
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झाड़ली प्लांट की तर्ज पर इन तीनों सब स्टेशनों का निर्माण करवाया जाएगा। सरकार से इस संबंध में मंजूरी मिलने के बाद निगम के अधिकारियों ने कागजी कार्रवाई पूरी कर उच्चाधिकारियों को फाइल भेज दी है। अगले सप्ताह के अंत तक इसे प्रोजेक्ट को हरी झंडी मिलने की संभावना है। इन के निर्माण के बाद करीब चार-पांच अन्य सब स्टेशनों का बिजली लोड कम होने पर बिजली व्यवस्था में भी सुधार होगा।

कमोद में बिजली सब स्टेशन बनाने की घोषणा 18 सितंबर को नई अनाज मंडी में हुई विकास रैली में सीएम मनोहर लाल खट्टर ने की दी थी। इसके बाद निगम की ओर से हेड ऑफिस को भेजी गई फाइल को मंजूरी मिल चुकी है। इस दौरान निगम ने दगड़ौली व पैंतावास कलां में 33 केवीए का पावर सब स्टेशन खोलने की ड्राइंग भी तैयार कर ली।
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इन दोनों सब स्टेशनों की ड्राइंग फाइल को उच्चाधिकारी मंजूरी दे चुके है। अब निगम के अधिकारियों ने इनका निर्माण विदेश तकनीक पर करवाने की योजना तैयार की है। इसका सारा खाका तैयार कर पिछले सप्ताह ही हैड ऑफिस मंजूरी लेने के लिए भेजा गया है। अधिकारियों ने भी इनके निर्माण का टेंडर किसी विदेशी कंपनी को देने का अंदेशा जताया है।

जिले के लिए यह पहला मौका होगा जहां पावर सब स्टेशन विदेशी तकनीक पर काम करेंगे। इससे पहले दादरी के समीप झज्जर जिले के गांव झाड़ली स्थित सीमेंट प्लांट का निर्माण एक चीनी कंपनी ने चाइनीज तकनीक के साथ किया था। जिले में गांव कमोद, दगड़ोली व पैतावास कलां में 33 केवीए पावर सब स्टेशन का निर्माण होना है। इन तीनों सब स्टेशन को मंजूरी पहले ही मिल चुकी है। इनके लिए जमीन आदि  भी फाइनल हो चुकी है। अब फाइल हेड ऑफिस के पास जमा है। अब इन प्रोजेक्टों पर काम जल्द ही शुरू करवाए जाने की प्रक्रिया पर तेजी से काम चल रहा है। दगड़ोली सब स्टेशन से बिजली चालित ट्यूबवेलों को भी पर्याप्त बिजली मिल सकेगी।

सब स्टेशन निर्माण से इन गांवों को होगा फायदा
--कमोद सब स्टेशन:-गांव कमोद सब स्टेशन 33केवीए का होगा। इसके लिए कागज प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। करीब डेढ़ एकड़ में यह सब स्टेशन बनना है। पंचायत व विभाग की ओर से स्वीकृति मिल चुकी है इससे आसपास के गांव मिसरी, जयश्री, सांवड़, लंाबा, मिर्च ,सौंप, कासनी, झिंझर, खातीवास व समसपुर आदि गांवों को विशेष फायदा होगा। इतना ही नहीं बौंद कलां सब स्टेशन  के तहत गांवों में बिजली वोल्टेज में भी सुधार आएगा।
--दगड़ोली सब स्टेशन:- गांव दगड़ोली पावर सब स्टेशन भी 33 केवीए क्षमता का होगा। इसमें 10 एमवीए का पावर ट्रंासफार्मर लगेेेगा। इस पावर सब स्टेशन से  आसपास के करीब एक दर्जन गांवों को फायदा होगा। दगड़ोली व झोझू कलां के तहत आने वाले गांवों को भी फायदा होगा। इससे बाढड़ा क्षेत्र की वोल्टेज में भी सुधार आएगा।
--पैंतावास कलां सब स्टेशन= गांव पैतावास कलां  सब स्टेशन भी 33 केवीए का  ही बनना है। इसके लिए भी सभी आवश्यक कागज प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इसकी फाइल भी हैड ऑफिस में पहुंच चुकी है। इससे गांव पैतावास कलां के अलावा पैतावास खुर्द,मानकावास, कितलाना, डोहकी समेत एक दर्जन से अधिक गांवों के  उपभोक्ताओं को फायदा होगा। यह सब स्टेशन  करीब दो एकड़  जमीन पर बनना है।
अच्छा आउटपुट देने वाले लगेंगे विदेशी उपकरण
बिजली निगम सूत्रों के मुताबिक इन तीनो पावर सब स्टेशनों के निर्माण में विदेशी तकनीक का इस्तेमाल होगा। पूरा सिस्टम अत्याधुनिक  तरीके का होगा । सिस्टम में खराबी के भी बहुत कम चांस होंगे। सब स्टेशन  में इस्तेमाल होने वाले काफी कलपुर्जे व यंत्र विदेशी तकनीक पर आधारित होंगे जो अच्छा आउटपुट देने वाले होंगे। इनके निर्माण के लिए टेंडर भी देश से बाहर की किसी कंपनी को दिए जाने की संभावना है।  इन तीनो सब स्टेशनों के निर्माण का कार्य शुरू करवाए जाने को लेकर कार्य अंतिम चरण में है। टेंडर जारी होने पर किसी  भी एजेंसी या कंपनी को यह काम एक साल के भीतर पूरा करना होगा।
वर्जन:::
 तीनों सब स्टेशनों का निर्माण विदेशी तकनीक के आधार पर होगा। एक साथ शुरू  होगा। यह आधुनिक तरीके के पावर सब स्टेशन होंगे। इन प्रोजेक्टों पर तेजी से काम हो रहा है। उच्चाधिकारियों को हमने फाइल भेज दी है।
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विजेंद्र लांबा, एक्सईएन, बिजली निगम
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