तोशाम। गांव ईशरवाल में महिला कॉलेज की स्थापना के बाद कक्षाएं उधार के भवन में चल रही हैं। चार साल पहले कॉलेज की घोषणा के बाद पंचायत की ओर से जमीन दिए जाने के बावजूद भवन का निर्माण का कार्य शुरू नहीं हो पाया है। भवन निर्माण के लिए दी गई जमीन के ऊपर से 33 केवी की लाइन गुजर रही है। इसके अलावा गांव में काफी समय से जलभराव की समस्या से भी जूझ रहा है।
तोशाम क्षेत्र का गांव ईशरवाल में लोग मूलभूत सुविधाओं को तरस रहे हैं, हालांकि ग्राम पंचायत ने विकास परियोजनाओं के प्रस्ताव भी सरकार को भेजे हैं। गांव में महिला कॉलेज को खुद का भवन नहीं मिला है। जिस जगह पर नया भवन बनना है वहां पर 33 केवी सब स्टेशन की लाइनें गुजर रही हैं। जिन्हें अभी तक नहीं शिफ्ट किया है। थोड़ी सी बारिश में ही गांव जलभराव का दंश भी झेलता है। इस संबंध में बिजली निगम के एसडीओ चेतन से बात की गई तो उन्होंने बताया कि अभी हाल ही में पंचायत ने लिख कर दिया है। पंचायत के पत्र को उच्च अधिकारियों के पास भेज दिया गया है।
ये बोले ग्रामीण
गांव में जलभराव की समस्या बनी हुई है। गांव में बनी मार्केट व आसपास के एरिया में जलभराव की समस्या से आमजन को परेशानी हो रही है। प्रशासन जलभराव की समस्या से निजात दिलाए। - महेंद्र नंबरदार, ग्रामीण।
चार साल पहले गांव में कॉलेज की स्थापना की गई थी। लेकिन अभी तक कॉलेज को उसका भवन नहीं मिला है। कक्षाएं उधार के भवन में चल रही हैं। कॉलेज भवन के लिए अलॉट की गई जमीन के ऊपर से तारें निकल रहे हैं। काफी समय से तारों को पेच होने की वजह से बात बन नहीं रही। समस्या का अतिशीघ्र समाधान हो ताकि छात्राओं की कक्षाएं सुचारू हो सकें। - प्रदीप बंसल, ग्रामीण।
पंचायत द्वारा कॉलेज को दी गई जमीन से बिजली की तारें गुजरने का मामला काफी दिनों से फंसा हुआ है। जिससे भवन का निर्माण नहीं हो रहा। कॉलेज का भवन नहीं होने से छात्राओं को बड़ी असुविधा हो रही है। - सोमवीर, ग्रामीण।
जलभराव की समस्या के लिए प्रशासन को लिखा गया है। संबंधित विभाग के अधिकारी भी मौका देख चुके हैं। उम्मीद है जल्दी ही समाधान होगा। कॉलेज के लिए अलॉट की गई भूमि से बिजली के तारें निकल रहे हैं। बिजली निगम ने इसको हटाने का खर्चा 20 लाख से ज्यादा का बताया है। 9 अगस्त को निगम के एसडीओ को लिखित में दे दिया है कि बिजली बिलों के माध्यम से पंचायत में टैक्स का जो पैसा बनता है उसमें से यह राशि काट ली जाए और समस्या का अतिशीघ्र समाधान हो। - अंकित कादयान, सरपंच प्रतिनिधि।