भिवानी- महेंद्रगढ़ संसदीय क्षेत्र के तहत आने वाले जिले के 5 विधानसभा क्षेत्रों में 24 घंटे बिजली आपूर्ति के लिए 264 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। पंडित दीनदयाल उपाध्याय बिजली योजना के तहत तैयार इस प्रोजेक्ट के तहत अगले तीन वर्ष में काम पूरा किया जाएगा।
बृहस्पतिवार को अपने आवास पर पत्रकारों से बात करते हुए सांसद धर्मबीर सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर पूरे देश में पंडित दीनदयाल उपाध्याय योजना लागू की जा रही है।
उन्होंने बताया कि योजना के तहत जिले के भिवानी, लोहारू, चरखी दादरी, बाढड़ा और तोशाम विधानसभा क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति सुचारु करने के लिए नये सब-स्टेशन, कंडक्टर व ट्रांसफार्मर स्थापित किए जायेंगे। बताया कि 44 करोड़ रुपये की लागत से 33 केवी के 11 नये सब स्टेशन, 12 करोड़ से 670 नये ट्रांसफार्मर स्थापित किये जायेंगे।
इसके अलावा जिन गांवों में एलटी कंडक्टर है, वहां पर एबी केबल बिछाई जाएगी। साथ ही 44 फीडरों का जीर्णोद्धार किया जायेगा। ये वो फीडर होंगे जो कि क्षमता से अधिक लोडेड हैं। उन्होंने कहा इस योजना में गांवों के साथ लगती ढाणियों पर भी विशेष ध्यान दिया जायेगा ताकि कोई भी ढाणी बिजली आपूर्ति से वंचित न रहे।
एमपी-एमएलए की उम्र और शैक्षणिक योग्यता तय हो
सांसद धर्मबीर सिंह ने पंच-सरपंच के साथ-साथ सांसद व विधायकों की शैक्षणिक योग्यता और उम्र तय किए जाने की पैरवी की है। उन्होंने कहा कि सांसद व विधायक की शैक्षणिक योग्यता ग्रेजुएशन होनी चाहिए। मेरी राय में विधायक की रिटायरमेंट की आयु 60 हो और सांसद की 65 साल।
पेयजल के लिए 40 करोड़ मांगे
सांसद ने बताया कि केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री बीरेंद्र सिंह से सोमवार को उनकी मुलाकात होनी है। भिवानी-महेंद्रगढ़ संसदीय क्षेत्र में पेयजल योजनाओं के लिए 40 करोड़ रुपये की मांग रखी है। उम्मीद है, यह योजना जल्द फाइनल हो जाएगी।
ग्रामीण तर्ज पर माफ हो शहरी उपभोक्ताओं की बकाया राशि
सांसद ने बताया कि शहरी क्षेत्रों में बिजली के बकाया बिलों की माफी के लिए वे जल्द ही सीएम को चिट्ठी लिखेंगे। उनकी राय है कि जिस तरीके से पिछली सरकार ने कृषि क्षेत्र में बिजली बिलों की माफी की थी, उसी तरह से शहरी उपभोक्ताओं के बकाया बिलों की माफी होनी चाहिए। यानी, वर्तमान बिल उपभोक्ता भरता जाए और पिछला सरकार माफ कर दे। बिजली को लेकर भिवानी महापंचायत के मुद्दों का समर्थन करते हुए कहा कि फ्यूल चार्ज और तर्कसंगत होना चाहिए।
घोषणा के बावजूद शहर में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने में हो रही देरी पर सांसद ने बताया कि उन्होंने 15 लाख रुपये की धनराशि जारी कर दी है, लेकिन एक पेंच की वजह से इस मामले में देरी हुई है। इस मसले पर अब व्यापारिक संगठनों के बीच तालमेल बनाने के लिए जल्द बैठक होगी।