भिवानी। पिछले करीब दो साल से हवा में तैर रहे प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज प्रोजेक्ट में अब सियासी पेंच फंस गया है। डेढ़ साल से शासन और प्रशासन कॉलेज के लिए जमीन नहीं ढूंढ पाया। इस प्रोजेक्ट को लेकर अभी भी भाजपा के मंत्री और सांसद की राय जुदा है। भाजपा के मंत्री चाहते हैं कि कॉलेज प्रेमनगर गांव में बने। जबकि, भाजपा के सांसद को यह मंजूर नहीं है। सांसद चाहते हैं कि प्रेमनगर (हिसार संसदीय क्षेत्र का गांव) की बजाय मेडिकल कॉलेज उनके संसदीय क्षेत्र में बने। कांग्रेस की पूर्व सांसद श्रुति चौधरी भी मेडिकल कॉलेज प्रेमनगर में बनने का विरोध कर रही हैं।
फरवरी 2014 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने यहां मेडिकल कॉलेज की स्थापना की घोषणा की थी। केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद तय यह हुआ था कि इस प्रोजेक्ट के कुल खर्च का 75 प्रतिशत केंद्र व 25 फीसद राज्य सरकार वहन करेगी। राज्य विधानसभा के चुनाव की घोषणा से पहले राज्य सरकार इस प्रोजेक्ट को अमलीजामा नहीं पहना पाई। उम्मीद थी कि नई भाजपा सरकार कुछ करेगी, लेकिन ग्राउंड पर कुछ प्रोग्रेस नहीं हुई। यहां तक कि प्रोजेक्ट के लिए जमीन तक फाइनल नहीं हो पाई।
मंत्री व सांसद में इसलिए नहीं है एक राय
प्रेमनगर गांव की जमीन पर मेडिकल कॉलेज बनाए जाने की वकालत मंत्री घनश्यास सर्राफ एक बार नहीं कई बार कर चुके हैं। सीएम की सभा में भी सर्राफ यह इच्छा जाहिर कर चुके हैं। पर, भिवानी-महेंद्रगढ़ के सांसद धर्मबीर सिंह को प्रेमनगर गवारा नहीं। इसकी वजह भी है कि प्रेमनगर गांव बवानीखेड़ा विधानसभा क्षेत्र में आता है। यह विधानसभा क्षेत्र हिसार संसदीय क्षेत्र का हिस्सा है। लिहाजा, सांसद यह कतई नहीं चाहते कि मेडिकल कॉलेज किसी दूसरे संसदीय क्षेत्र के गांव में बने। बस, यही सियासी पेंच इस प्रोजेक्ट को धरातल पर उतरने में बाधा बना है। तीन दिन पहले कांग्रेस की पूर्व सांसद श्रुति चौधरी भी मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर से मुलाकात कर जनसुविधाओं का हवाला देकर प्रेमनगर की साइट पर एतराज जता चुकी हैं। श्रुति ने शहर से सटी दादरी रोड की जमीन पर मेडिकल कॉलेज बनाए जाने की मांग की है। बहरहाल, इस सियासी पेंच की वजह से इस प्रोजेक्ट में और देरी के आसार को नकारा नहीं जा सकता है।
भिवानी संसदीय क्षेत्र में बने मेडिकल कॉलेज
मैं चाहता हूं कि मेडिकल कॉलेज किसी दूसरे संसदीय क्षेत्र न बने। केवल मेरे संसदीय क्षेत्र, और वह भी भिवानी में बने। किसी खास साइट व लोकेशन के लिए मेरा कोई सुझाव नहीं है। बस, वे तो चाहते हैं कि मेडिकल कॉलेज शहर में बने। श्रुति चौधरी ने जो मांग की है, वह अच्छी है। वे इसका समर्थन करते हैं।
धर्मबीर सिंह, सांसद, भिवानी महेंद्रगढ़ क्षेत्र
विपक्ष का काम तो चीजों को घुमाने का है। वैसे, मेडिकल कॉलेज के लिए कौन सी साइट बेहतर रहेगी, यह काम मुख्यमंत्री जी का है। उनका एकाधिकार है। वही जगह को अंतिम रूप देंगे।
घनश्याम सर्राफ, जनस्वास्थ्य राज्य मंत्री, हरियाणा
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