भिवानी। चौ. सुरेंद्र सिंह पार्क की तरह जल्द ही शहर को एक और नया पार्क मिल सकता है। नगर परिषद प्रशासन इसके लिए प्लानिंग कर रहा है और अमरुट स्कीम के तहत पार्कों के लिए मिले पांच करोड़ की राशि से यह पार्क बनाने की योजना है। फिलहाल जगह भी तलाशी जा रही है।
अमरुट स्कीम के तहत केंद्र सरकार की ओर से भिवानी नगर परिषद से प्रपोजल मांगे गए थे। नगर परिषद ने शहर के पार्काें के लिए पांच करोड़ का प्रपोजल भेजा था, जिसे मंजूर कर लिया गया है। अब नगर परिषद प्रशासन इन पांच करोड़ से एक और शानदार पार्क बनाने की योजना बनाई है। योजना है कि शहर की जरूरत वाली जगह जहां कोई पार्क न हो वहां चार-पांच एकड़ जगह में कोई पार्क बनाया जाए। पार्क ऐसा हो जिसमें सभी तरह की सुविधाएं हो। आधुनिक पार्क, जिसका लोग ज्यादा से ज्यादा फायदा उठा सके।
बैंक कॉलोनी हो सकता है ऑप्शन
नप अधिकारियों ने पार्क की जगह के लिए विचार किया तो लगभग सभी क्षेत्रों में पार्क है। कुछ कॉलोनियों में पार्क है तो कुछ कॉलोनियों के नजदीक ही पार्क है। शहर में फिलहाल चौ. सुरेंद्र सिंह पार्क (हुडा पार्क), चौ. सुरेंद्र सिंह जल संरक्षण पार्क, चौ. बंसीलाल पार्क, नेहरू पार्क, बीडी गुप्ता पार्क, ठाकुर बीर सिंह पार्क, कृष्णा कॉलोनी पार्क, विकास नगर पार्क प्रमुख है। वैसे तो कॉलोनियों में भी छोटे पार्क है। ऐसे में बैंक कॉलोनी में ही पार्क बनाने पर विचार है। यहां के लोगों ने कष्ट निवारण समिति की बैठक में भी पार्क बनाने की मांग उठाई थी और पार्क के लिए जितनी जगह चाहिये, उतनी जगह शहर में अन्य किसी क्षेत्र में है भी नहीं। अभी फाइनल तो नहीं किया गया है मगर बैंक कॉलोनी में पार्क बनाने की चर्चाएं है।
इन पार्कों की सुध कौन ले
नगर परिषद प्रशासन भले ही नया पार्क बनाने की तैयारी में जुटा हो मगर पहले से बने अधिकतर पार्क बदहाल है। नगर परिषद के करीब 30 पार्क है। जिनमें से अधिकतर बदहाल है। इन पार्कों के लिए अनेक बार योजनाएं बनी, लेकिन बजट के फेर में लटक गई। पिछले दिनों पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत भी पार्कों की हालत सुधारने का प्लान बना, जिसके तहत कॉलोनी वासियों को ही पार्क की जिम्मेवारी सौंपने का प्लान बना। मगर नगर परिषद प्रशासन ने इसे गंभीरता से नहीं लिया तो लोगों ने भी रूचि नहीं दिखाई।
वर्जन:::
अमरूट के तहत मंजूर पांच करोड़ की राशि से कोई अच्छा पार्क बनाने की योजना है। बजट आने के बाद ऐसी जगह में पार्क बनाया जाएगा, जहां जरूरत हो और आसपास कोई पार्क भी न हो ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग उसका लाभ उठा सके। पार्क बेहतर बनाया जाएगा जिसमें झूले, ट्रैक आदि सभी सुविधाएं हो।
संजय यादव, सचिव, नगर परिषद