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Bhiwani News: अपरिहार्य कारणों से कुछ दिनों तक विद्यार्थियों को वैन सुविधा उपलब्ध नहीं करा सकेंगे, असुविधा के लिए खेद है..

Tue, 16 Apr 2024 01:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
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भिवानी। प्रिय अभिभावक कुछ अपरिहार्य कारणों से हम कुछ दिनों तक विद्यार्थियों को वैन सुविधा उपलब्ध नहीं करा सकेंगे। इस असुविधा के लिए हमें खेद है। बच्चे को स्कूल भेजने की व्यवस्था खुद ही कराएं....। ये मैसेज अभिभावकों के विद्यालय में रजिस्टर्ड फोन पर निजी स्कूल भेज रहे हैं, क्योंकि जिन स्कूली वाहनों से बच्चों को स्कूल लाया जा रहा था, उनके अंदर स्कूली मानक ही पूरे नहीं थे, ऐसे वाहनों को अब निजी स्कूलों ने भूमिगत कर दिया है।
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अभिभावकों को भी अचानक बच्चे की ट्रांसपोर्टेशन की व्यवस्था की चिंता में डाल दिया है। दरअसल आरटीए और ट्रैफिक पुलिस ने पिछले दो दिन में 20 स्कूली वाहनों को जब्त कर लिया है। वहीं अधूरे सुरक्षा मानक मिलने पर स्कूली वाहनों पर भी करीब सवा दो लाख रुपये जुर्माना ठोका है। इतना ही नहीं सोमवार को भी आरटीए और जिला यातायात पुलिस की संयुक्त टीमों ने शहर भर में 80 स्कूली वाहनों की चेकिंग की, जिसमें छह स्कूली वाहनों के चालान कर 68 हजार रुपये जुर्माना किया और दो स्कूली वाहन जब्त कर दिए। प्रशासन की इस सख्ती से निजी स्कूलों की बौखलाहट भी बढ़ गई है। इसी को लेकर दूसरी ओर प्राइवेट स्कूल वेलफेयर एसोसिएशन ने भी स्कूली वाहनों पर की जा रही कार्रवाई के विरोध में मोर्चा खोल दिया है।
कनीना में स्कूली वाहन हादसे के बाद ही जिला प्रशासन एक्शन के मूड में है। जिला में सचिव प्रादेशिक परिवहन द्वारा सोमवार को 55 स्कूली वाहनों को चेक किया, जिसमें एक वाहन का चालान किया और 500 रुपये जुर्माना लगाया। वहीं दूसरी ओर शहर यातायात थाना प्रभारी द्वारा 25 स्कूल वाहनों को चेक किया गया, जिनमें से पांच के चालान कर 67,500 रुपये जुर्माना लगाया। दो वाहनों को जब्त किया। इस प्रकार से सोमवार को कुल 80 वाहनों की जांच की गई, जिन पर कुल 68000 रुपये जुर्माना लगाया गया।
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जिला प्रशासन की सख्ती का असर ये हुआ कि जिन स्कूलों के स्कूली वाहनों के मानक पूरे नहीं थे, उन्होंने इन वाहनों को कुछ दिनों के लिए गायब ही कर दिया है। इसकी जानकारी न अभिभावकों को है न प्रशासन को। क्योंकि अभिभावकों के बच्चों से भी स्कूली वाहन सुविधा अचानक से हटा दी है। इसकी वजह स्पष्ट है कि इन वाहनों में मानक ही पूरे नहीं हैं। स्कूलों को भी इन वाहनों के जब्त होने का डर है, अगर ये जब्त हुए तो फिर इन्हें छुड़वा मानक पूरे करने में भी लाखों खर्च हो जाएंगे।

उपमंडल स्तर पर एसडीएम की अध्यक्षता में टीम कर रही है स्कूली वाहनों के मानकों की जांच
डीसी नरेश नरवाल ने उपमंडल स्तर पर संबंधित एसडीएम की अध्यक्षता में एक जांच कमेटी का गठन किया है, जिसमें शिक्षा विभाग का एक अधिकारी और सचिव प्रदेश की परिवहन विभाग का एक कर्मचारी भी शामिल है। इस कमेटी द्वारा स्कूली वाहनों की जांच की जा रही है। इसके साथ-साथ सचिव प्रादेशिक परिवहन विभाग द्वारा स्कूली बसों को चेक किया जा रहा है। नियमों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ चालान काटने और जब्त करने कार्रवाई की जा रही है।

सोमवार को आरटीए की स्कूली वाहन पासिंग में भी पहुंचे 28 स्कूली वाहन, तीन वाहन वापस लौटाए
चारामंडी में सोमवार को आरटीए कार्यालय की ओर से साप्ताहिक पासिंग हुई। इसमें निजी स्कूलों से 28 स्कूली वाहन पासिंग के लिए पहुंचे। इसमें आरटीए टीम के सदस्यों ने स्कूली वाहनों के लिए तय किए गए मानकों की जांच की। इस दौरान 25 स्कूली वाहनों में ही मानक पूरे मिले, जिन्हें अब फिटनेस सर्टिफिकेट जारी किया जाएगा। वहीं तीन स्कूली वाहनों में मानक अधूरे मिले, जिन्हें वापस लौटा दिया। इन्हें अब अगले सप्ताह की वाहन पासिंग में फिर से तय मानकों को पूरा करने के बाद ही वापस आना होगा।

118 निजी स्कूलों के स्कूली वाहनों में मानकों पर मंडरा रहा है कार्रवाई का संकट
आरटीए कार्यालय भिवानी में जिले भर के निजी स्कूलों के 787 स्कूली वाहन ही रजिस्टर्ड हैं। इसमें से 118 निजी स्कूलों के स्कूली वाहन आरटीए कार्यालय के रिकाॅर्ड में मानक पूरे नहीं कर रहे हैं, इन वाहनों को अब विद्यालय पहुंचकर ही आरटीए की टीम ट्रेस आउट कर इनके मानकों की जांच में जुटी है। हालांकि स्कूली वाहनों को जीपीएस सिस्टम से ट्रेस करना आसान है। फिलहाल अधूरे मानकों के वाहन अब स्कूल परिसर से ही गायब हैं। क्योंकि इन पर अब कार्रवाई का संकट मंडरा रहा है।

जिले के सभी प्राइवेट सरकारी और सभी शिक्षण संस्थानों के संचालकों को निर्देश दिए हैं कि वे स्कूली वाहनों में सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी की पालना करें, आदेशों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। किसी भी स्कूल संचालक को नियमों की अवहेलना करने की छूट नहीं है।
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-नरेश नरवाल उपायुक्त भिवानी।
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