भिवानी। जिले में पिछले दो सप्ताह से जिला राजस्व अधिकारी तो एक सप्ताह से भिवानी एसडीएम कार्यालय में भूमि की रजिस्ट्री नहीं हो रही हैं। हालांकि दोनों ही अधिकारियों के भूमि रजिस्ट्री नहीं करने के अलग-अलग तर्क और परिस्थितियां जताई हैं। हालांकि भूमि रजिस्ट्री गड़बड़झाले के बाद से ही अधिकारी भूमि रजिस्ट्री के प्रति बेरुखी दिखा रहे हैं।
जिला राजस्व अधिकारी दो सप्ताह से ही छुट्टी पर चल रहे हैं तो एसडीएम ने अतिरिक्त कार्यभार की व्यस्तता जताकर भूमि रजिस्ट्री से किनारा कर लिया है। इसी वजह से भिवानी तहसीलदार के पास अतिरिक्त भूमि रजिस्ट्री का काम भी बढ़ गया है। अब रोजाना ही 40 से 45 भूमि रजिस्ट्री कराई जा रही हैं, जबकि पहले एक अधिकारी के पास 10 से 15 भूमि रजिस्ट्री रोजाना कराई जाती रही हैं। गलत तरीके से कराई गई भूमि रजिस्ट्री गड़बड़झाले के उजागर होने के बाद से ही हड़कंप मचा है। भूमि रजिस्ट्री मामलों की फिलहाल जांच भी चल रही है।
हरियाणा सरकार ने तहसील कार्यालय के अलावा जिला राजस्व अधिकारी और उपमंडल अधिकारी नागरिक कार्यालय में भी भूमि की रजिस्ट्री के लिए अधिकृत किया हुआ है। भिवानी जिला मुख्यालय पर भूमि रजिस्ट्री के लिए रोजाना ही करीब सौ से अधिक टोकन ऑनलाइन जारी किए जा रहे हैं। इसमें से संबंधित तीनों अधिकारियों के पास भूमि के ऑनलाइन टोकन पहुंचते हैं।
इसमें इनके पास 30 से अधिक भूमि रजिस्ट्री के टोकन जाते हैं, लेकिन रोजाना मुश्किल से 60 से 65 लोग ही भूमि रजिस्ट्री के लिए आ पाते हैं। जिला राजस्व अधिकारी कार्यालय में पिछले दो सप्ताह से भूमि रजिस्ट्री पर ब्रेक लगा है। हालांकि जिला राजस्व अधिकारी कार्यालय में पहले गलत तरीके से कराई गई चार भूमि रजिस्ट्री गड़बड़ी पर अधिकारियों ने रोक लगा दी है। इसमें एक मामले में तो एफआईआर के आदेश भी किए हुए हैं। इसी तरह नया बाजार के खारिया कुआं भूमि मामले की जांच तो अभी जिला राजस्व अधिकारी कर रहे हैं।
जिला राजस्व अधिकारी मौखिक तौर पर भी डीसी के समक्ष भूमि रजिस्ट्री का अधिकार वापस लेने संबंधी अनुरोध कर चुके हैं। यही हाल भिवानी एसडीएम कार्यालय का हैं, जहां एक सप्ताह से कोई भूमि रजिस्ट्री नहीं कराई गई है। हालांकि इन दोनों ही अधिकारियों को ऑनलाइन भेजे गए टोकन भिवानी तहसीलदार कार्यालय में स्थानांतरित किया जा रहा है। संवाद
अमर उजाला ने उजागर किए थे भूमि रजिस्ट्री के गड़बड़झाले
अमर उजाला ने पिछले दो माह के दौरान चार से पांच भूमि रजिस्ट्री मामलों के गड़बड़झाले को उजागर किया था। इसके नतीजतन अधिकारियों ने भी इस पर संज्ञान लेते हुए दो भूमि रजिस्ट्रियों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी। जबकि एक भूमि रजिस्ट्री मामले में खुद जिला राजस्व अधिकारी अभी जांच कर रहे हैं। वहीं, एक भूमि रजिस्ट्री में सिविल लाइन पुलिस थाना को एफआईआर के लिए लिखा हुआ है। एक भूमि रजिस्ट्री को कैंसिल कराने की प्रकिया चल रही है। ये भी भूमि रजिस्ट्री अधिकारियों के समक्ष गलत दस्तावेज पेश कर कराई गई थी, जिनके उजागर होने के बाद से ही भूमि रजिस्ट्री मामलों को लेकर अधिकारियों में भी हड़कंप मचा है।
जिला राजस्व अधिकारी पिछले दो सप्ताह से करीब छुट्टी पर चल रहे हैं। एसडीएम भिवानी पर भी नपा चुनाव में अतिरिक्त कार्यभार आ गया है। इस वजह से भिवानी तहसील कार्यालय पर ही भूमि रजिस्ट्री का काम किया जा रहा है। कार्य दिवस में रोजाना ही करीब 40 से 45 भूमि रजिस्ट्री कराई जा रही हैं, जबकि टोकन सिस्टम से संबंधित अधिकारियों के पास भूमि रजिस्ट्री का कार्यभार होने की वजह से तहसील कार्यालय में 10 से 15 भूमि रजिस्ट्री कराई जाती थी।
- सुरेश कुमार, तहसीलदार, भिवानी।