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खुलासा: लाखों की नकदी चुराने की नियत से मिलाई थी खाने में नशीली दवा

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भिवानी। गांव बापोड़ा के समीप कॉटन मिल में रसोइये का काम करने वाले नेपाली ने फैक्टरी के अंदर लाखों की नकदी चुराने की नियत से साथियों के साथ मिलकर मजदूरों के खाने में नशीली दवा मिलाने की साजिश रची थी। इसका खुलासा पुलिस पूछताछ में हुआ है। सदर पुलिस ने नेपाल निवासी भरत सिंह व उसके दो अन्य साथियों को इस मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजा है।
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गांव बापोड़ा निवासी पवन शर्मा ने सदर पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि उसकी तोशाम रोड पर दुर्गा जिनींग नाम से कॉटन मिल है। जिसके अंदर करीब 15 मजदूर भी काम करते हैं। उसकी फैक्टरी में नव दुर्गा जिला झंडेल धुला नेपाल वासी भरत सिंह रसोइये के तौर पर काम करता है। भरत ने 17 जुलाई की रात करीब साढ़े नौ बजे आलू की सब्जी और रोटी बनाई थी। इस खाने को परोसते ही सुशील बिस्ता व ललित बिस्ता को चक्कर आने लगे। जिसके बाद वे बेहोश हो गए। खाने में किसी नशीली दवा मिलाने का उसे शक हुआ तो उसने रसोई के डस्टबीन में जाकर देखा जहां पर नशीली दवाओं के रेपर और बेहोश करने में इस्तेमाल होने वाली स्प्रे की शीशी पड़ी मिली थी। जिसके बाद उसने मामले की सूचना सदर पुलिस को दी। पुलिस ने इस संबंध में आरोपी रसोइया भरत सिंह के खिलाफ केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस पूछताछ में भरत सिंह ने बताया कि उसके मन में लालच आ गया था। इसी वजह से उसने अपने दो साथियों के साथ मिलकर फैक्टरी की अलमारी से नकदी चुराने की योजना बनाई थी। जिसे अंजाम देने के लिए उन्होंने इंटरनेट पर बेहोश करने की दवा और तरीका देखा और फिर ऑनलाइन ऑर्डर कर नशीली दवाएं मंगवाई थी। इन नशीली दवाओं को खाने में भी मिला दिया था। मगर कुछ मजदूर इस खाने को खाने के बाद बेहोश हो गए, मगर एक मजदूर को उनकी हरकतों पर शक हो गया, जिसने उनकी इस करतूत को मालिक तक पहुंचा दिया और मालिक ने पूरा खेल बिगाड़ दिया।
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पवन कुमार की शिकायत पर आरोपी भरत के खिलाफ केस दर्ज किया था। आरोपी नेपाली मूल का है और उसके दो साथी भी नेपाल के ही हैं। इन तीनों ने मिलकर ही फैक्टरी के अंदर नकदी चुराने की योजना बनाई थी और खाने में नशीली दवा मिला दी थी। जिन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया है।
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-विद्यानंद, सदर पुलिस थाना इंचार्ज
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