भिवानी। लोकसभा चुनावों में अब महज तीन दिन शेष हैं, ऐसे में गांवों में भी चुनावी चर्चाएं जोर पकड़ चुकी हैं। ग्राउंड रिपोर्ट में महेंद्रगढ़-भिवानी लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी राव दान सिंह के ननिहाल गांव बीरण का हाल जाना। गांव में सप्ताह भर में सिर्फ एक ही दिन सप्लाई में पानी आता है। नहर बंद होने के बाद तो ग्रामीण गंदा पानी पीने को मजबूर हो जाते हैं।
गांव में पानी का टैंक भी बहुत छोटा है, जिससे रोजाना आपूर्ति दे पाना संभव नहीं है। बात करें सांसद की तो यहां सांसद निधि से गांव में धर्मशाला का निर्माण हुआ है जबकि विधायक कोटे से कोई काम नहीं हुआ। ग्राम पंचायत स्तर पर गांव में विकास कार्य हुए हैं। वहीं 45 युवाओं की टोली हर रविवार गांव में सफाई अभियान चला गांव को स्वच्छ गांव बना रही है। भिवानी शहर से तोशाम रोड पर महज 15 किलोमीटर दूर गांव बीरण तोशाम हलके का बड़ा गांव है। गांव में 6,200 के लगभग जनसंख्या है, जिनमें करीब 4,200 मतदाता हैं। गांव में दो पंचायतें चुनी गई हैं।
गांव जगमग योजना में फिर लग रहे कट
गांव में चुनावी चर्चा करते समय ग्रामीणों ने बताया कि लड़कों का सरकारी स्कूल दसवीं कक्षा तक था जोकि सरकार ने उसे बंद करवाकर दिया है। इसके बाद अब लड़कियों और लड़कों का एक ही विद्यालय है, जिसमें 12वीं तक पढ़ाई होती है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में सांसद आए हैं, लेकिन कोई परियोजना नहीं दी है। सांसद निधि से एक धर्मशाला का निर्माण हुआ है। गांव जगमग योजना के अंतर्गत भी आता है, लेकिन फिर भी गांव में बिजली के कट लगते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि 6,200 के लगभग गांव की जनसंख्या है, जिसमें दो ही सफाई कर्मी है। जिनसे पूरे गांव की सफाई अच्छी तरह से नहीं हो पा रही है। इतने बड़े गांव में दो सफाई कर्मी कैसे संभालेंगे। कम से कम गांव में चार से पांच सफाई कर्मी होने चाहिए। गांव में हर रविवार को लगभग 45 लोगों का ग्रुप बनकर गांव की सफाई करते हैं।
पीने लायक नहीं पानी, सप्लाई के लिए करना पड़ता है सप्ताहभर इंतजार
गांव बीरण में भूमिगत पानी पीने लायक नहीं है। सप्लाई में भी पानी के लिए सप्ताह भर इंतजार करना पड़ता है। पानी की समस्या गांव में बड़ा मुद्दा है। गांव के लोगों ने बताया कि जलघर में पानी स्टोरेज का टैंक छोटा है, जिससे नहर जाने के बाद पानी की आपूर्ति कुछ दिन तक ही हो पाती है। लोगों ने बताया कि गांव की गलियों में स्ट्रीट लाइट नहीं है। रात को गांव में चोरी होने की संभावना रहती है। गांव में एक पीएचसी है, जिसके अंदर सात गांव आते हैं। गांव के बस अड्डे पर बस क्यू शेल्टर का निर्माण कार्य चल रहा है।
सांसद निधि से गांव में कोई बड़ा काम नहीं हुआ है। राव दान सिंह इस गांव का भांजा है। हमारे गांव की बड़ी समस्या पीने का पानी है। केंद्र सरकार की पेयजल से जुड़ी परियोजनाओं के तहत यहां बड़ा बजट लगाकर पानी की समस्या को दूर कराने की मांग है। -कुलदीप उर्फ भूरियां
पानी की सप्लाई का कोई शेड्यूल नहीं है। सात से आठ दिन में एक बार सप्लाई आती है। जलघर महज नाम का ही जलघर हैं, यहां जल नहीं है। यहां पर अतिरिक्त पानी के टैंक निर्माण की बेहद जरूरत है ताकि नहर आने पर पानी का पर्याप्त भंडारण कराया जा सके। -सुरेश कुमार
गांव बीरण बड़ी ग्राम पंचायतों में आता है। ये गांव महाग्राम योजना में भी शामिल किया हुआ है लेकिन जनसुविधाओं की कमी है। ग्राम पंचायत ने अपने स्तर पर ही गांव में विकास कार्य कराए हैं, गांव की एक धर्मशाला सांसद निधि से बनी है। ग्राम पंचायत अपने स्तर पर ही हर सप्ताह सफाई अभियान से ग्रामीणों को जोड़कर सफाई करा रही है। -सुलतान सिंह, सरपंच गांव बीरण।