गांव मिलकपुर में खड़ी दुर्घटनाग्रस्त बस।
बवानीखेड़ा। गांव मिलकपुर के पास सोमवार रात निजी बस में आग लगने से जिंदा जले दो लोगों की पहचान हो गई है। बुधवार को मिली डीएनए रिपोर्ट के बाद पुलिस ने जिला नागरिक अस्पताल में रखवाए दोनों शवों की शिनाख्त सीआईडी में एएसआई सुनील कुमार और बलजीत के तौर पर की है।
वीरवार को शव परिजनों को सुपुर्द कर दिए जाएंगे। उधर, बस में आग लगने के प्रारंभिक कारण बिजली गिरने, टायर फटने और तेल टैंक में विस्फोट पुलिस के गले नहीं उतर रहे। ऐसे में पुलिस बस में विस्फोट से आग लगने के मद्दनेजर जांच कर रही।
सोमवार शाम भिवानी से हांसी के लिए रवाना हुई निजी बस में गांव मिलकपुर के पास भीषण आग लग गई थी। आग की चपेट में आने से दो लोगों की मौत हो गई और 10 सवारियां झुलस गईं थीं। शव कंकालनुमा होने के कारण शिनाख्त नहीं हो पाई।
मंगलवार को बड़सी निवासी और बवानीखेड़ा में तैनात सीआईडी में एएसआई सुनील कुमार (51) के परिजनों ने बताया कि उनका कहीं पता नहीं चल रहा। वह रोज इसी बस से गांव आते थे और मिलकपुर में उतरकर घर पहुंचते थे। उनकी कार मिलकपुर में ही खड़ी मिली और मोबाइल स्विच ऑफ आ रहा है।
उन्होंने एक शव सुनील का ही होने की आशंका जताई। इसी तरह भिवानी के सेवानगर निवासी बलजीत (52) के परिजन भी पुलिस से मिले और उनके लापता होने की बात कही। पुलिस ने शवों की शिनाख्त के लिए दोनों ही परिवारों के मंगलवार को डीएनए सैंपल लिए। पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार ने बताया कि डीएनए रिपोर्ट मिल गई है। सुनील कुमार और बलजीत के परिजनों के डीएनए सैंपल शवों के डीएनए से मिलान हो गए हैं। इससे पुष्टि हो गई है कि शव सुनील और बलजीत के ही हैं।
बलजीत हिसार में जिंदल फैक्टरी में कर्मी थे। सुनील कुमार का वीरवार सुबह 11 बजे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। बवानीखड़ा थाना प्रभारी सुरेश कुमार ने बताया कि सुनील की माता सावित्री देवी, भाई अनिल व बेटे जनक और बलजीत के परिजनों के डीएनए सैंपल लिए थे।