भिवानी। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी की शाखा सिद्धि धाम में प्रमुख राजयोगिनी बीके सुमित्रा बहन ने ब्रह्मावत्सों को संबोधित किया।
उन्होंने कहा कि पांच दिवसीय दीपावली का त्योहार भाई दूज पर पूरा होता है। इस दिन सभी बहने भाइयों को रोली का टीका लगातीं हैं, जोकि आत्मा भाई-बहन, सच्चे स्नेह और प्रभु पिता परमात्मा की याद दिलाता है। आत्मा का असली स्वभाव पवित्रता है। बताता है कि सतयुगी दुनिया में प्रेम और आत्मा भाई-बहन की दृष्टि वृत्ति थी। बीके सुमित्रा बहन ने कहा कि भाई दूज का आध्यात्मिक अर्थ है आत्म स्मृति। इसका तिलक हमारी प्राचीन सभ्यता को दर्शाकर इसकी याद दिलाता है। मर्यादानुसार हमें हर रोज आत्मिक तिलक देने की जरूरत है। इस अवसर पर बीके भीम, बीके राजेश, बीके शुभम, बीके आरती, बीके शारदा, बीके बंटी आदि मौजूद रहे।
भैया दूज पर दक्षिण काली नवदुर्गा मंदिर में उमड़े भक्त
भिवानी। भैया दूज के इस पावन अवसर पर दक्षिण काली नवदुर्गा मंदिर में भक्त उमड़े। भाई-बहन के इस विशेष रिश्ते को और प्रगाढ़ बनाने के लिए मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना, हवन और आरती की गई। बहनों ने भाइयों के माथे पर तिलक लगाया। आरती उतारकर उनकी लंबी उम्र और सफलता की कामना की। भाइयों ने भी बहनों को उपहार देकर उनके प्रति स्नेह और सम्मान जताया। इस दौरान मंदिर की प्रबंधक उर्मिला सैनी ने कहा कि भैया दूज पर भाई-बहन के रिश्ते में प्रेम और विश्वास को नई ऊर्जा मिलती है। काली देवी मंदिर श्रद्धालुओं के लिए ऐसे आयोजनों का केंद्र सदैव रहा है।
भैया दूज पर दिया पौधों और पर्यावरण की सुरक्षा का संदेश
भिवानी। सुभाष चंद्र बोस युवा जागृत सेवा समिति अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय युवा पुरस्कार अवॉर्डी अशोक कुमार भारद्वाज ने अपनी बेटियों को पर्यावरण से जुड़कर भैया दूज का पर्व मनाने की नसीहत दी। अशोक की आठ वर्षीय बेटी आरोही और 12 वर्षीय बेटी नव्या ने भैया दूज के पर्व को अनूठे संदेश के साथ मनाया। दोनों ने एक-दूसरे को तिलक लगा सबके प्राणों के रक्षक पेड़, पौधों और पर्यावरण की सलामती की कामना की। उन्होंने लड्डू गोपाल को भी मोली बांधकर भगवान से देश में खुशहाली की प्रार्थना की।