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एक माह से लटक रहा जिला औषधि नियंत्रण अधिकारी के कार्यालय पर ताला

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भिवानी। विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी झेल रहा जिला स्वास्थ्य विभाग अब अधिकारियों की कमी से भी जूझ रहा है। दरअसल, पिछले एक माह से स्वास्थ्य विभाग के पास जिला औषधि नियंत्रण अधिकारी नहीं है। इसकी वजह से फार्मासिस्ट और केमिस्ट शॉप संचालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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नागरिक अस्पताल में प्रधान चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में कमरा नंबर 118 के बाहर लटका ताला देख रोजाना 15 से 20 ऐसे दवा विक्रेता बगैर काम करवाए ही वापस लौट रहे हैं। उन्होंने ऑनलाइन माध्यम से अपनी फीस भी जमा करवा दी मगर अब तक कोई समाधान नहीं हुआ है। वहीं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने भी इस संबंध में निदेशालय को मांग पत्र भेजा है मगर अब तक किसी की नियुक्ति नहीं हो पाई है।
15 सितंबर को जिला औषधि नियंत्रण अधिकारी डॉ. हेमंत ग्रोवर का तबादला भिवानी से अंबाला हो गया था। उनके तबादले के एक माह बीत जाने के बाद भी अब तक उनकी जगह अन्य अधिकारी की नियुक्ति नहीं की है। इसकी वजह से फार्मासिस्ट व केमिस्ट शॉप संचालकों को परेशानी हो रही है। इसमें अधिकतर ऐसे लोग है जिन्होंने मेडिकल शॉप खोलने के लिए लाइसेंस के लिए आवेदन किया है। जिन्हें अपनी दुकान किसी अन्य जगह पर शिफ्ट करनी है। जिसके लिए औषधि नियंत्रण अधिकारी की रिपोर्ट या फिर किसी अस्पताल एवं केमिस्ट शॉप से कोई फार्मासिस्ट काम छोड़कर चला गया है तो उनकी जगह नए का रजिस्ट्रेशन करवाना जैसी दिक्कतें का सामना करना पड़ रहा है।
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ईएनटी, न्यूरो की अब तक नहीं हुई पोस्टिंग
नागरिक अस्पताल में करीब एक साल से ईएनटी नहीं है। इसकी वजह से मरीजों को उपचार के लिए पीजीआईएमएस रोहतक चक्कर काटने पड़ रहे हैं। या फिर उन्हें निजी अस्पतालों में अपनी जेब कटवानी पड़ रही है। अस्पताल में न्यूरो सर्जन की भी नियुक्ति नहीं है। इसके अलावा अस्पताल के आपातकालीन विभाग में कोई भी हृदय रोग विशेषज्ञ नहीं है। इसकी वजह से कोई भी हृदय रोगी आता है तो उसे प्राथमिक उपचार के बाद पीजीआईएमएस रोहतक रेफर कर दिया जाता है।
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अस्पताल में जिला औषधि नियंत्रण अधिकारी नहीं होने के कारण मेडिकल शॉप संचालकों को काफी दिक्कतें आ रही है। तोशाम में अनिल मेडीकोस अपनी दुकान दूसरी जगह शिफ्ट कर रहा है, जिसके लिए करीब एक माह पहले ऑनलाइन आवेदन किया था, मगर अब तक काम नहीं हुआ है। अधिकारी नहीं होने के कारण उनका काम बीच में ही अटक गया है। बार-बार अस्पताल के चक्कर काट रहे हैं।
- सुरेंद्र शर्मा, तोशाम।
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जिला औषधि नियंत्रण अधिकारी नहीं होने से मेडिकल स्टोर संचालकों सहित अन्य फार्मासिस्टों को दिक्कतें आ रही है। जिन मेडिकल स्टोर संचालकों के लाइसेंस रिन्यू करवाने है उन्हें दिक्कतें आ रही है। इसके साथ ही नए लाइसेंस बनवाने, अगर कोई अपनी दुकान अन्य जगह शिफ्ट करता है तो अधिकारी खुद रिपोर्ट करता है। ऐसे में अधिकारी नहीं होने से परेशानियां बढ़ गई है। प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य मंत्री से मांग है कि जल्द ही जिला औषधि नियंत्रण अधिकारी की नियुक्ति करें।
- देवराज महता, प्रधान, भिवानी केमिस्ट एसोसिएशन।
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जिला औषधि नियंत्रण अधिकारी का तबादला हो गया है, जिनकी जगह नई नियुक्ति नहीं हुई है। इस संबंध में स्वास्थ्य निदेशालय में खाली पोस्ट पर नियुक्ति या फिर डेपुटेशन के लिए मांग पत्र भेजा है। उम्मीद है जल्द ही नियुक्ति हो जाएगी, जिसके बाद लोगों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
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- डॉ. रघुबीर शांडिल्य, सिविल सर्जन।
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