भिवानी जिला बार में ऑनलाइन चुनाव प्रक्रिया के अंतिम दिन बुधवार सुबह दस बजे से शाम पांच बजे तक दिनभर नामांकन प्रक्रिया चली। भिवानी बार चुनावों में प्रधानी की दावेदारी करने वाले छह अधिवक्ताओं ने नामांकन किए। वहीं सचिव पद के लिए तीन नामांकन दाखिल हुए। इसी तरह उपप्रधान, संयुक्त सचिव, कोषाध्यक्ष के लिए एक-एक आवेदन हुआ। लेकिन शाम को बार के ऑनलाइन चुनावों को लेकर पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय से स्टे आर्डर आ गया।
भिवानी जिला बार चुनावों को लेकर एक अक्तूबर को ऑनलाइन चुनाव कराए जाने निर्धारित किए गए थे। इसके लिए बुधवार को केवल एक ही दिन नामांकन का समय दिया गया था। जबकि वीरवार को नामांकनों की छंटनी और नामांकन वापस लेने का समय था। इसके बाद एक अक्तूबर को ऑनलाइन चुनाव होने तय किए गए थे।
चुनावों की दौड़ में ये हुए शामिल
भिवानी बार प्रधान के लिए महिला अधिवक्ता मुकेश चौहान, ब्रह्मानंद, मेहरचंद सांगवान, सत्यजीत पिलानिया, युद्धिष्ठिर वत्स, रवींद्र शर्मा ने नामांकन किया। इसी तरह सचिव पद के लिए विजय दहिया, संजय तंवर व राजेश यादव ने नामांकन किया। उपप्रधान के लिए सोमबीर भाटिया, संयुक्त सचिव के लिए विनय तंवर, कोषाध्यक्ष के लिए मंगेज तंवर ने नामांकन किया।
ये बनाई गई थी चुनाव कमेटी
बार चुनाव के लिए 11 सदस्यीय चुनाव कमेटी बनाई थी, जिसमें अधिवक्ता मुकेश गुलिया, संजीव तंवर, मनोज तंवर, पवन गौत्तम, अनिल साहु, कृष्ण चौहान, नरेंद्र कांटीवाल, आनंद श्योराण, सौरभ पंडित के नाम शामिल हैं।
वर्जन-
भिवानी बार चुनाव की नामांकन प्रक्रिया में प्रधान पद के लिए छह, सचिव के तीन और संयुक्त सचिव व कोषाध्यक्ष के लिए एक-एक नामांकन हुआ है। शाम को अधिवक्ता प्रशांत सेठी की याचिका पर पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़ में बार के ऑनलाइन चुनाव पर रोक लगा दी है। इस संबंध में आगे जैसे निर्देश मिलेंगे उसी अनुसार कदम उठाए जाएंगे।
- अधिवक्ता मुकेश गुलिया, चुनाव कमेटी सदस्य