गंदे पानी की हो रही सप्लाई से परेशान क्षेत्रवासी प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए।
भिवानी। आधे शहर में हो रही गंदे पानी की सप्लाई और एक दशक से डाबर कॉलोनी के टैंकों की सफाई नहीं होने से बिफरे क्षेत्र के लोगों ने पार्षदों की अगुवाई में शनिवार को जलघर परिसर में पहुंचकर रोष जताया। नारेबाजी कर इलाके के लोगों ने टैंकों की सफाई कराने और पेयजल आपूर्ति में सुधार की मांग उठाई।
लोगों की अगुवाई वार्ड 17 के पार्षद सुभाष तंवर और वार्ड दो के पार्षद संदीप यादव ने की। दोनों पार्षदों ने आरोप लगाया कि जलघर के टैंकों में जलीय पौधों और पानी में रहने वाले जीव जंतुओं की भरमार से पानी की गुणवत्ता काफी प्रभावित हो रही है। मगर जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी टैंकों की सफाई तक नहीं करा पा रहे हैं।
शहर के तोशाम बाईपास डाबर कॉलोनी स्थित जलघर टैंकों का निर्माण करीब 12 साल पहले हुआ था। यहां पर बने टैंकों से करीब आधे शहर में पेयजल आपूर्ति दी जा रही है। नगर पार्षद सुभाष तंवर व संदीप यादव ने बताया कि जब से डाबर कॉलोनी के टैंक बने हैं तब से आज तक इनकी एक बार भी सफाई नहीं कराई गई है। जलघर टैंकों में करीब सात से आठ फुट तक मिट्टी तलहटी में जमा हो चुकी है। इसकी वजह से टैंकों में पानी कम जलीय पौधे बहुत अधिक पनप रहे हैं। यहां पर जहरीले जीव जंतु भी पैदा हो रहे हैं। पानी के अंदर वनस्पति सड़ने के कारण घरों के अंदर सप्लाई में दिया जाने वाले पानी की गुणवत्ता भी बेहद खराब है। पानी में बदबू आती है। जिस वजह से पेट की बीमारियों का संक्रमण भी बढ़ रहा है।
पार्षदों ने कहा कि उन्होंने जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग अधिकारियों को भी इस संबंध में कई बार शिकायतें दर्ज कराई, मगर आज तक कोई कदम नहीं उठाया गया। रोष प्रदर्शन कर रहे ठाकुर रणधीर सिंह, संदीप सुथार, मोनू सुथार, दीपू तंवर, राम सिंह, दीपक शर्मा, बलजीत, महेंद्र सोनी, नवीन ने बताया कि टैंकों में मिट्टी जमा होने से उनकी क्षमता एक तिहाई तक घट गई है। जलीय पौधों के अंदर जीव जंतु भी पनप रहे हैं। जिनकी वजह से पानी बेहद खराब हो रहा है। उन्होंने जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग से मांग की है कि टैंकों की साफ सफाई कराकर स्वच्छ पेयजल मुहैया कराया जाए।
शहर के सभी जलघरों के टैंकों की साफ सफाई जल्द कराई जाएगी। फिलहाल शहर के अंदर पानी की खपत ज्यादा बनी है। मौसम में बदलाव के बाद थोड़ी खपत कम होते ही एक-एक कर टैंकों की सफाई कराएंगे। बारिश के बाद पानी में जलीय पौधे उग जाते हैं।
- सूरज प्रकाश जैन, एसडीओ, शहरी पेयजल शाखा भिवानी।