मेडिकल कॉलेज में खून जांच के लिए कक्ष के बाहर खड़े मरीज।
भिवानी। बदलती जीवनशैली और खान-पान में आए बड़े बदलाव के कारण युवाओं में विटामिन-डी की कमी तेजी से गंभीर समस्या बनती जा रही है। हालात ऐसे हैं कि बड़ी संख्या में युवा कम उम्र में ही हड्डियों और कमजोरी से जुड़ी परेशानियों का सामना कर रहे हैं। शहर के पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय मेडिकल कॉलेज के हड्डी रोग विभाग में प्रतिदिन औसतन 280 से 300 मरीज पहुंच रहे हैं।
इनमें खून की जांच के बाद अधिकांश मरीजों में विटामिन-डी और कैल्शियम की कमी सामने आ रही है। हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. राकेश के अनुसार ओपीडी में रोजाना 60 से अधिक मरीज ऐसे मिल रहे हैं जिनमें विटामिन-डी की कमी पाई जा रही है। उन्होंने बताया कि इस कमी के चलते मरीजों में बदन दर्द, लगातार थकान, कमजोरी और जोड़ों में जकड़न जैसे लक्षण उभर रहे हैं जो धीरे-धीरे गंभीर रूप ले सकते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक धूप में कम समय बिताना, जंक फूड का बढ़ता चलन और संतुलित आहार की अनदेखी इसके प्रमुख कारण हैं।
डॉ. राकेश ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले समय में युवाओं में हड्डियों से जुड़ी बीमारियां और बढ़ सकती हैं। उन्होंने बताया कि खासतौर पर महिलाएं और युवा इस समस्या की चपेट में तेजी से आ रहे हैं। उन्होंने लोगों को सलाह दी कि रोजाना सुबह की हल्की धूप लें, दूध, दही, हरी सब्जियां और कैल्शियम युक्त आहार का सेवन करें और समय-समय पर विटामिन की जांच अवश्य कराएं ताकि इस समस्या से बचाव किया जा सके।
कैसे करें सुधार
विटामिन डी युक्त खाद्य सामग्री का सेवन करें।
प्रतिदिन सुबह के समय हल्की धूप में टहलें।
साल में एक बार विटामिन की जांच अवश्य करवा लें।
विटामिन डी की कमी के लक्षण
कमर दर्द
बदन दर्द
जोड़ों का दर्द
थकान और कमजोरी
तनाव
कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता