जिले के कई सरकारी विभागों में अब जल्द ही अंधेरा छाने वाला है। सालों से बकाये करोड़ों रुपये बिजली बिल की अदायगी न करने पर बिजली निगम ने इन विभागों को नोटिस जारी किया है। उन्हें अल्टीमेटम दिया गया है कि वे शीघ्र बिल का भुगतान कराएं, अन्यथा उनकी बिजली कट कर दी जाएगी।
बकाएदारों की लिस्ट में सिंचाई, जनस्वास्थ्य, खेल, नगर परिषद से लेकर जिला प्रशासन तक शामिल है। निगम की नोटिस के बाद संबन्धित विभागों में हड़कंप मच गया है। बिल भुगतान कराने के लिए भारी-भरकम बजट जुटाने में अफसरों के हाथ-पांव फूलने लगे हैं।
सरकारी विभागों को दी जा रही आपूर्ति के बदले बिजली निगम निर्धारित दरों से हर माह बिल प्रेषित करता है। मगर कई विभागों ने इन बिलों के भुगतान में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। अफसरों की उपेक्षा के कारण सरचार्ज के साथ बिल लगातार बढ़ता गया और अब स्थिति यह है कि बकाया राशि लाखों-करोड़ों में पहुंच गई है। ऐसे में एक साथ इस रकम को जुटा पाना विभागों के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रही है।
बिल भुगतान के लिए बार-बार पत्राचार कर थक चुके निगम ने भी अब कड़ा रुख अख्तियार किया है। बकाएदार विभागों को नोटिस जारी कर शीघ्र बिल भुगतान की हिदायत दी गई है। जन स्वास्थ्य विभाग और नगर परिषद को नोटिस तामिल भी हो चुकी है, हालांकि उनकी ओर से अब तक कोई समुचित कदम नहीं उठाया गया है।
बकाया मिले तो खरीदी जा सकती है हजारों यूनिट बिजली
जिले के चंद सरकारी विभागों पर ही बकाये की राशि इतनी ज्यादा है कि उसका भुगतान हो जाए तो निगम हजारों यूनिट बिजली की खरीददारी कर सकता है। इससे आम उपभोक्ताओं का बिजली संकट तो दूर होगा ही निगम को अपनी व्यवस्थाएं बेहतर बनाने में भी सहूलियत होगी। हैरानी की बात है कि आम उपभोक्ताओं से कुछ सौ रुपये के बकाये भुगतान में हेकड़ी दिखाने वाले अफसरों के सरकारी विभागों से वसूली में पसीने छूटते रहे हैं। खास तौर से उन विभागों से बिल मांगने में अफसर बचते रहे हैं, जहां प्रशासनिक अधिकारी बैठे हुए हैं।
बिल से ज्यादा सरचार्ज का बोझ
बकाया बिल में सबसे ज्यादा राशि सरचार्ज की है। प्रतिमाह भुगतान में लापरवाही के कारण सरचार्ज में लगातार इजाफा होता रहा। बाद में कई विभागाें के अफसरों ने अपना गला बचाने के लिए मासिक बिल भरना तो शुरू कर दिया, लेकिन बकाये सरचार्ज की सुध नहीं ली। नतीजा सरचार्ज पर सरचार्ज लगकर बकाया राशि करोड़ों में पहुंच गई है। अब नोटिस मिलने के बाद इसके भुगतान में हाथ-पांव फूल रहे हैं।
कहां-कितनी राशि है बकाया :
* सिंचाई खंड तोशाम : करीब 32 करोड़।
* जन स्वास्थ्य विभाग : 4.65 करोड़।
* लघु सचिवालय के विभिन्न विभाग : 1.17 करोड़।
* भीम स्टेडियम : करीब 1 करोड़।
* यूथ हॉस्टल : 75 लाख।
* नगर परिषद भिवानी : 76 लाख।
(बकाया राशि सितंबर माह तक की है।)