भिवानी। धन, धान्य की समृद्धि के पर्व धनतेरस पर बाजार उम्मीदों के कुलांचे मार रहा है। बाजार व खरीददार दोनों तैयार हैं। धनतेरस पर करोड़ों रुपये के कारोबार की उम्मीद की जा रही है। सर्राफा मार्केट, इलेक्ट्रानिक्स व ऑटो सेग्मेंट में ज्यादा शॉपिंग की उम्मीद की जा रही है।
धनतेरस पर धनलक्ष्मी के आशीर्वाद पाने के लिए ग्राहक व व्यापारी दोनों अपने अपने हिसाब से तैयार हैं। ग्राहक जहां अपने बजट के अनुसार इस शुभ अवसर पर खरीददारी के लिए प्लानिंग कर चुके हैं वहीं व्यापारी वर्ग भी इस त्योहार पर ग्राहकों को लुभाने के लिए तैयारियां पूरी किए बैठे हैं। लिहाजा, सोमवार को दिनभर बाजारों में जमकर खरीदारी होना निश्चित है। मंदी की भंयकर को झेल रहे बाजार को धनतेरस से बड़ी उम्मीद हैं। इसलिए, हफ्तेभर से तैयारियों में जुटे व्यापारी ग्राहक को लुभाने के लिए कोई अवसर बाकी नहीं छोड़ रहे हैं। सर्राफा, इलेक्ट्रोनिक्स, कपड़ा, बर्तन के अलावा गिफ्ट विक्रेता नई नई आइटमों से त्योहार पर उम्मीद कर रहे हैं कि बाजार में बेशक मंदी हो, लेकिन त्योहार पर ग्राहक खरीदारी में कोई कमी नहीं छोड़ेंगे। इस कारण वे एक से एक बढ़कर स्कीमों से ग्राहक को आकर्षित करने की कोशिश में हैं।
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वाहन खरीद पर जोर
धनतेरस पर वाहन की खरीदारी के लिए भी लोगों में खासी दिलचस्पी रहती है। शहर के प्रमुख वाहन कंपनियों के शो रूम पर सोमवार को करोड़ों रुपये के चार पहिया व दुपहिया वाहनों की खरीददारी होने की उम्मीद है। दुपहिया वाहन विक्रेता जया हीरो के संचालक संदीप श्योराण ने बताया कि धनतेरस पर स्कूटर व बाइक की सौ से ज्यादा बुकिंग हो चुकी हैं। रघु हुंडई शोरूम के मैनेजर नितिन ने बताया कि उनके यहां कल के लिए 30 गाड़ियों की बुकिंग हो चुकी है। मेरिट होंडा के जीएम इंद्रजीत गोयत ने बताया कि धनतेरस पर 15 गाड़ियों की डिलीवरी देनी है।
दो करोड़ पार इलेक्ट्रानिक्स कारोबार
शहर में इलेक्ट्रानिक्स का मोटा कारोबार होने की उम्मीद की जा रही है। ग्राहकों को लुभाने के लिए जीरो प्रतिशत फाइनेंस पर बिक्री की जा रही है। दीपक इलेक्ट्रानिक्स के दीपक जावा ने बताया कि धनतेरस पर दो सौ से ज्यादा आइटम की सेल होने की आस है। विजय इलेक्ट्रानिक्स के संचालक मनीष टुटेजा ने बताया कि कल दो सौ आइटम की बिक्री होने की उम्मीद है। पूरे शहर में धनतेरस पर एक हजार से ज्यादा आइटमों की बिक्री होने का अनुमान है। कीमत में आंका जाए तो राशि दो करोड़ तक पहुंच सकती है।
सर्राफा मार्केट : मंदी का साया, फिर भी उत्साह
सर्राफा मार्केट में उत्साह तो है, लेकिन मंदी के असर की आशंका की भी चर्चा है। सर्राफा मार्केट के प्रधान विजय किशन धारेडूवाला का मानना है कि इस बार मार्केट में सुस्ती तो दिख रही है। इस बार धनतेरस पर सोने व चांदी की बिक्री एक करोड़ से नीचे रहने का अनुमान है। वे बताते हैं कि करीब दो सौ दुकानों की सर्राफा मार्केट यदि पूरे रंग होती है, तब बिक्री डेढ़ करोड़ तक पहुंच जाती है।
वर्जन
धनतेरस पर बाजारों के गुलजार होने की उम्मीद है। बाजारों की लगातार चल रही मंदी के बावजूद उम्मीद है कि धनतेरस पर बाजार अच्छे उठेंगे।
विनोद जिंदल, कोकड़ा गिफ्ट पैलेस, भिवानी
वर्जन
हमने अपने ग्राहकों को पहले ही विभिन्न स्कीमों के बारे में विज्ञापनों के जरिए जागरूक कर दिया था। हम धनतेरस के लिए 30 गाडिय़ों की बुकिंग कर चुके हैं। उम्मीद है कि धनतेरस पर इससे भी ज्यादा गाडिय़ों की बिक्री होगी
नितिन, मैनेजर, रघु हुंडई
फोटो नंबर : 8,9,10
आधुनिकता की चकाचौंध में गुम हुआ दीपावली का भाईचारा
भिवानी। आधुनिकता की चकाचौंध में दीपावली तरह के मायने बदल गए हैं। अब दीपावली सिर्फ एक दिन का त्योहार बन गया है, जबकि पहले दशहरे के बाद से ही दीपावली की रौनक नजर आने लगती थी। यह कहना है बुजुर्गों का। युवाओं में भी अब फेस्टिवल के प्रति कोई खास क्रेज नहीं। बच्चे पटाखे बजाने के लिए जरूर उत्साहित हैं।
बाइट :
आधुनिकता का दिखावा ज्यादा है। चीजें दिखने में सुंदर है पर ठोस व मजबूत नहीं। अब त्यौहारों पर भी महंगाई की मार की है। इनके सबके बावजूद दीपावली का क्रेज अपने आप में अनूठा है।
पंकज कुमार, दुकानदार
पटेल नगर
दीपावली के त्यौहार को मिठाइयों, पटाखों के लिए जाना जाता है मगर महंगाई और मिलावट खोरी ने इस त्यौहार को भी फीका कर दिया है। पहले मिठाइयां घर पर बनती थी, अब सारी खरीददारी बाजार से होती है। अब दिखावा ज्यादा हो गया है। जेब पर महंगाई की मार है। क्वालिटी का सामान नहीं मिलता जो पहले मिलता था।
हरनाम सिंह, बुजुर्ग, पुराना हाउसिंग बोर्ड
पहले काफी पहले ही दीपावली की तैयारियां शुरू हो जाती थी मगर अब तो एक तय दिन ही दीपावली की शॉपिंग होती है। पहले महिलाएं परिवार के हिसाब से खरीददारी करती थी, अब तो एक-दूसरे को देखकर खरीददारी होती है। पहले दशहरा से दीपावली तक रौनक रहती थी, अब एक दिन का त्यौहार बन गया है दीपावली।
माया शर्मा, प्राचार्या, भारत पब्लिक स्कूल