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ढाकला-सुबाना ड्रेन प्रोजेक्ट पर टिका यूपीडी ड्रेन का भविष्य

Fri, 05 May 2017 12:40 AM IST
ब्यूरो /अमर उजाला
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चरखी दादरी ड्रेन प्रोजेक्ट लटका - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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चरखी दादरी जिले में (यूपीडी) अंडरग्राउंड पाइप प्रेशर मिनी ड्रेन निर्माण के प्रोजेक्ट की फाइल अब सीएम दरबार में अटक गई है। सरकार पहले झज्जर जिले के ढाकला-सुबाना ड्रेन निर्माण प्रोजेक्ट पर काम करेगी। इस ड्रेन की सफलता के बाद ही चरखी दादरी ड्रेन प्रोजेक्ट पर विचार होगा। अंडरग्राउंड पाइप प्रेशर मिनी ड्रेन के संबंध में सिंचाई विभाग ने 10 करोड़ का प्रोजेक्ट तैयार कर सरकार को भेज रखा है।
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इस प्रोजेक्ट के तहत पौंड निर्माण की प्लानिंग है ताकि आने वाले मानसून सीजन में बरसाती पानी समस्या से छुटकारा मिल सके। बड़ी ड्रेन का प्रोजेक्ट रद्द होने के बाद सिंचाई विभाग द्वारा तैयार की गई यूपीडी ड्रेन से संबंधित योजना को अमर उजाला ने अपने अलग-अलग संस्करणों में प्रमुखता से प्रकाशित किया था।

जानकारी के अनुसार 18 सितंबर को सीएम मनोहरलाल ने चरखी दादरी में ड्रेन निर्माण करवाए जाने की घोषणा की थी। दिसंबर माह में इस घोषणा पर अमल शुरू हुआ था।  शुरूआती कागज प्रक्रिया में सिंचाई विभाग को निर्देश मिले थे कि ड्रेन निर्माण के लिए जमीन अधिग्रहण के बारे में सर्वे की जाए और संबंधित गांवों के लोगों से बात की जाए। सीएम की घोषणा के बाद सिंचाई विभाग अधिकारियों ने ड्रेन निर्माण के लिए जमीन को लेकर सर्वे करवाई थी। सर्वे के बाद  संबंधित गांवों  के किसानों को जमीन अधिग्रहण को लेकर  सुनवाई का भी मौका दिया गया था।
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जमीन अधिग्रहण को लेकर 18 गांवों के किसानों की सुनवाई की प्रक्रिया गत नौ दिसंबर को पूरी हुई थी। सुनवाई के लिए 18 गांवों को सूचित किया गया था लेकिन आठ गांवों के किसान तो सुनवाई के दौरान हाजिर ही नहीं हुए थे। 10 गांवों के किसानों ने अपने गांवों की जमीन देने से स्पष्ट इंकार कर दिया था। इन गांवों के अधिकतर किसानों का तर्क था कि क्षेत्र में ड्रेन की जरूरत ही नहीं है। ऐसे में जमीन को बर्बाद करना सही नहीं है। सिंचाई विभाग अधिकारियों ने इन गांवों के किसानों के बयान दर्ज कर उच्चाधिकारियों को भेज दिए थे।

इस ड्रेन के प्रोजेक्ट पर 90 करोड़ की राशि खर्च करने का अनुमान था। यह प्रस्तावित बड़ी ड्रेन 66 हजार वर्ग फीट लंबी बननी थी। जो चरखी दादरी के गांव जयश्री से शुरू होकर , झिंझर, गांव लोहरवाड़ा, मोरवाला, सरूपगढ़, इमलोटा के अलावा झज्जर जिले के गांव गोधड़ी ,मातनहेल  व छुछकवास तक ड्रेन नंबर आठ तक बननी थी।  सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने  किसानों की सुनवाई के बाद पूरी रिपोर्ट सरकार के उच्चाधिकारियों को भेजी थी लेकिन  किसानों  के विरोध के चलते  गत फरवरी माह में ड्रेन निर्माण के प्रस्ताव को  रोक दिया गया था। सिंचाई विभाग अधिकारियों ने सरकार के  निर्देश पर क्षेत्र में  बड़ी ड्रेन प्रोजेक्ट की बजाय यूपीडी नाम से नए प्रोजेक्ट पर प्लानिंग शुरू की। अमर उजाला ने 23 मार्च के संस्करण में ‘यूपीडी ड्रेन निर्माण के लिए सर्वे शुरू’ व 20 अप्रैल के संस्करण में ‘चरखी दादरी अंडरग्राउंड पाइप प्रेशर ड्रेन निर्माण को मिली मंजूरी’ नामक शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी।

ये है यूपीडी प्लान का खाका
 इस प्लान  के तहत  अब सिंचाई विभाग मिनी ड्रेनों के निर्माण पर काम कर रहा है। इसके लिए  छोटी- छोटी ड्रेनों का निर्माण करवाया जाना है। बरसाती पानी की निकासी अंडरग्राउंड पाइप प्रेशर ड्रेन के जरिए की जाएगी। इस प्लान के तहत बरसाती पानी के लिहाज से संवेदनशाील गांवों मेें बड़े पौंड बनाए जाने हैं। इन पौंड में बरसाती पानी को एकत्र कर मिनी ड्रेन के जरिए साथ ही लगती नहरों में डाला जाना है।

गांव सरूपगढ़-सातौर में प्रस्तावित है पौंड
विभाग की प्लान है कि गांव  सरूपगढ़ में दो एकड़ जमीन पर पौंड बनाया जाए ताकि सतगामा के तहत गांवों का बरसाती पानी पौंड में डाला जाए तथा बाद मेें यूपीडी ड्रेन की मदद ली जाए। गांव इमलोटा को भी इस मिनी ड्रेन से जोड़ने की प्लानिंग है। इस प्रोजेक्ट पर करीब 10 करोड़ की लागत आने का अनुमान है।  विभाग गत मार्च माह में  बाढ़ प्रभावित इन संवेदनशील क्षेत्रों की सर्वे शुरू कर चुका है।  सर्वे के दौरान खेतों से मिनी डे्रन की खुदाई के आकलन के अलावा पानी उठान के सिस्टम  को भी ध्यान में रखा गया ताकि पानी का उठान कर बधवाना नहर में डाला जा सके। अंडरग्राउंड पाइप लाइन के दौरान बीच में हौद आदि बनवाने की भी प्लानिंग की है ताकि लंबे समय  तक इस बरसाती पानी समस्या का समाधान हो सके।
अब सीएम दरबार में अटकी फाइल
अब यह फाइल सीएम दरबार में अटक गई है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार सरकार का तर्क है कि पहले झज्जर जिले के ढाकला-सुबाना में ड्रेन का निर्माण करवाया जाए उसके बाद चरखी दादरी के यूपीडी डे्रन निर्माण प्रोजेक्ट पर विचार किया जाएगा। अब चरखी दादरी में प्रस्तावित ड्रेन प्रोजेक्ट ढाकला-सुबाना ड्रेन प्रोजेक्ट पर टिका है। सरकार ढाकला- सुबाना प्रोजेक्ट को ट्रायल के रूप में मान रही है।

पहले ढाकला-सुबाना ड्रेन निर्माण के प्रोजेक्ट को पूरा करवाया जाना है उसके बाद चरखी दादरी के इस प्रोजेक्ट पर विचार होगा। हमने इसका खाका तैयार कर मंजूरी के लिए सरकार को भेज रखा है।
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कार्यकारी अभियंता सत्यवीर सिंह, सिंचाई
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