कमला नगर में आयोजित श्रीमद्भागवत कृष्ण कथा का वाचन करते अनिल प्रणामी महाराज। स्वयं
भिवानी। कमला नगर स्थित श्री राम मंदिर में चल रहे सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कृष्ण कथा ज्ञान यज्ञ के दूसरे दिन भक्ति और उत्साह का माहौल रहा। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। श्रीकृष्ण भक्ति के मधुर भजनों और कथा के दिव्य प्रसंगों ने वातावरण को आध्यात्मिक बना दिया।
यह धार्मिक आयोजन श्रीश्री 108 सतगुरु राधिकादास महाराज एवं श्रीश्री 108 सतगुरु सदानंद महाराज के आशीर्वाद से संचालित हो रहा है। पूर्व पार्षद प्रवीण चावला व पूर्व पार्षद अशोक यादव ने बताया कि इस कथा का उद्देश्य समाज में धर्म, संस्कार और अध्यात्म के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। कथा का वाचन कथावाचक अनिल प्रणामी महाराज की ओर से किया जा रहा है।
उन्होंने वीरवार को दूसरे दिन श्रद्धालुओं को गोकर्ण और धुंधकारी की कथा सुनाई। उन्होंने बताया कि कैसे धुंधकारी के दुराचारी जीवन और उसके परिणामस्वरूप प्राप्त प्रेत योनि से मुक्ति केवल भागवत कथा श्रवण के माध्यम से संभव हुई। महाराज ने कहा कि भक्ति, ज्ञान और वैराग्य ये तीनों जीवन के ऐसे स्तंभ हैं जिनसे मनुष्य मोक्ष के मार्ग पर अग्रसर होता है।
उन्होंने समझाया कि गोकर्ण ने अपने भाई धुंधकारी के उद्धार के लिए श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया और कथा श्रवण के प्रभाव से धुंधकारी को भगवत धाम की प्राप्ति हुई। यह कथा इस सत्य को उजागर करती है कि जब कोई जीव आत्मज्ञान से विमुख हो जाता है तब भी भगवान की कथा श्रवण और भक्ति भाव से वह परमपद प्राप्त कर सकता है। कथा का समापन 18 नवंबर को भंडारे के साथ होगा।
इस अवसर पर दर्शन लाल मिढ्ढा प्रधान पंजाबी जागृति मंच, अमित महता, कमलकांत कथूरिया मौजूद रहे।