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मेडिकल कॉलेज के बाद अब इंडियन स्वीट्स हब और चिलिंग प्लांट निर्माण का मामला उलझा

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गांव प्रेमनगर की भूमि पर मेडिकल कॉलेज निर्माण मामले के बाद अब गांव सेरला में बनने वाला इंडियन स्वीट्स हब और चिलिंग प्लांट निर्माण का मामला भी जगह के फेर में उलझकर लटक गया। बहल क्षेत्र के गांव सेरला में जिस चार एकड़ भूमि को नए चिलिंग प्लांट व इंडियन स्वीट्स फैक्टरी लगाने के लिए चिह्नित किया गया। वो जगह राजस्व विभाग की पड़ताल के बाद जोहड़ की निकली। जिसके बाद राजस्व विभाग के निदेशक ने जगह पर ही आपत्ति जता दी। इसके बाद अब कृषि विभाग लोहारू विधानसभा क्षेत्र में चिलिंग प्लांट और इंडियन स्वीट्स फैक्टरी के लिए नई जगह की तलाश में जुटा है। सबसे अहम बात तो यह भी है कि भिवानी में एक चिलिंग प्लांट पहले से ही चल रहा हैं, जो कभी मिल्क प्लांट हुआ करता था, इसे फिर से मिल्क प्लांट बनाने की घोषणा भी 2014 में हुई थी। यह भी अब सिर्फ घोषणा बनकर रह गई है।
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हरियाणा सरकार ने कृषिमंत्री जेपी दलाल के आग्रह पर लोहारू विधानसभा क्षेत्र में पशुपालकों और कृषकों के लिए नया चिलिंग प्लांट बनाने की सौगात की घोषणा करीब एक साल पहले की थी। सरकार ने चिलिंग प्लांट निर्माण के साथ वीटा उत्पादकों के अलावा इंडियन स्वीट्स(भारतीय मिठाईयां) बनाने मसौदा भी तैयार किया था। गांव सेरला में चार एकड़ जगह की पहचान भी कर ली गई थी। जिसके बाद सरकार ने चिलिंग प्लांट के बजट की घोषणा भी कर दी थी। लेकिन जब प्रक्रिया आगे बढ़ी तो एक के बाद एक कदम ठिठकते चले गए। जब मामला राजस्व विभाग के निदेशक के समक्ष जगह को कृषि विभाग के समक्ष स्थानांतरित किए जाने का आया तो ये जमीन जोहड़ की निकली। जिसके बाद पूरा मसौदा ही खटाई में पड़ गया। कृषि विभाग को इस जगह पर राजस्व विभाग के स्थानांतरण की कोई अनुमति नहीं मिली। जिसके बाद कृषि विभाग ने भी गांव सेरला में नया चिलिंग प्लांट निर्माण का मन बदलना पड़ा। अब कृषि विभाग लोहारू विधानसभा क्षेत्र में ही ऐसी जगह की तलाश में जुटा हैं, जहां पर चिलिंग प्लांट के साथ साथ इंडियन स्वीट्स फैक्टरी लगाना संभव हो सके।
भिवानी व चरखी में 47 बीएमसी से जुड़े पांच हजार से अधिक दुग्ध उत्पादक
रोहतक मिल्क प्लांट वीटा से भिवानी व चरखी दादरी जिले में 47 बीएमसी(बुल्क मिल्क कुलिंग) से करीब पांच हजार दुग्ध उत्पादक जुड़े हैं। ये भिवानी के चिलिंग प्लांट के जरिए रोहतक मिल्क प्लांट तक दूध पहुंचाते हैं। रोजाना ही करीब 70 हजार लीटर से अधिक का उत्पादन दोनों जिलों में होता है। चरखी दादरी में फिलहाल कोई चिलिंग प्लांट नहीं है।
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प्रेमनगर की भूमि में अटका मेडिकल कॉलेज, सेरला में अब नहीं बनेगा प्लांट
गांव प्रेमनगर में कई सालों से प्रेमनगर की भूमि पर मेडिकल कॉलेज का निर्माण अटका हुआ हैं, यहां भी भूमि को लेकर विवाद बना है। वहीं हांसी रोड स्थित मिल्क प्लांट से चिलिंग प्लांट बने भिवानी चिलिंग प्लांट की करीब 60 से 70 एकड़ भूमि में से करीब 22 एकड़ भूमि पर मेडिकल कॉलेज निर्माण का काम शुरू भी हो चुका है। गांव सेरला में भी ठीक इसी तरह भूमि को लेकर मामला अटक गया है, अब नई जगह पर प्लांट बनेगा।
वीटा की मिठाइयों व दूध के मुरीद हैं भारतीय सैनिक
वीटा की मिठाईयों और दूध के मुरीद भारतीय सैनिक भी हैं। रोहतक स्थित मिल्क प्लांट से अंबाला व हिसार कैंट तक भी वीटा का दूध सप्लाई किया जा रहा है वहीं अंबाला में वीटा की इंडियन स्वीट्स भी बन रही हैं। जिनका स्वाद भारतीय सैनिक भी चाव से चख रहे हैं। हर साल करोड़ों का दूध भारतीय सैनिकों के लिए जाता है। इसके अलावा सरकारी स्कूलों में भी वीटा के दूध की सप्लाई मिड डे मील में हो रही है। जिससे बच्चों की पौष्टिकता के साथ उनकी सेहत भी सुधर रही है।
गांव सेरला में जो जगह चिलिंग प्लांट निर्माण के लिए चिह्नित की गई थी, वो जगह जोहड़ की है। राजस्व विभाग के निदेशक के समक्ष मामला भेजा गया था। जहां से इस भूमि पर आपत्ति आ गई है। कृषि मंत्री के समक्ष वस्तुस्थिति रखी है अब नई जगह का चयन किया जा रहा है। वहां पर चिलिंग प्लांट अब नहीं बनेगा।
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-चरण सिंह, सीईओ मिल्क प्लांट रोहतक।
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