जूई। अनाज मंडी में सरसों व जौ की खरीद के लिए प्रशासन और मार्केट कमेटी द्वारा सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं लेकिन एमएसपी से अधिक दाम मिलने के कारण किसान मंडी के बजाय बाहर ही फसल बेच रहे हैं जिससे मंडी में आवक न के बराबर है और सन्नाटा पसरा हुआ है।
मंडी में खरीद प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए शौचालय, पेयजल, बिजली सहित सभी मूलभूत सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की गई है। किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो इसके लिए अधिकारियों ने पहले ही सभी प्रबंध पूरे कर लिए थे। इसके बावजूद किसान सरसों की फसल मंडी में लाने से परहेज कर रहे हैं।
जानकारी के अनुसार किसानों को मंडी में निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य से अधिक भाव प्राइवेट व्यापारियों द्वारा बाहर ही मिल रहा है। ऐसे में किसान सीधे निजी खरीदारों को अपनी उपज बेच रहे हैं।
मंडी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि जब तक बाजार में प्राइवेट भाव एमएसपी से अधिक रहेंगे तब तक मंडी में आवक बढ़ने की संभावना कम है। वहीं जौ की फसल की आवक भी अभी तक शुरू नहीं हो पाई है जिससे मंडी की व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं।
किसानों का कहना है कि जहां उन्हें बेहतर दाम मिल रहा है वहीं फसल बेचना उनके लिए लाभकारी है इसलिए वे मंडी के बजाय सीधे प्राइवेट व्यापारियों को प्राथमिकता दे रहे हैं।
प्रशासन को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में फसल कटाई पूरी होने के साथ मंडी में आवक बढ़ेगी और खरीद प्रक्रिया गति पकड़ेगी लेकिन फिलहाल तैयारियों के बावजूद खरीद कार्य रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा है।