भिवानी। राष्ट्रीय राजमार्ग 709ई के रख-रखाव और शिकायतों के निवारण को लेकर नागरिकों और जन प्रतिनिधियों ने नव दुर्गा सेवा सहयोग संस्था व बार एसोसिएशन के प्रधान संदीप तंवर, पार्षद विनोद प्रजापति की अगुवाई उपायुक्त को मांग पत्र सौंपा। जिसमें मांग की गई है कि इस हाईवे के भिवानी जिले के अंतर्गत आने वाले हिस्से का प्रशासनिक नियंत्रण रोहतक के बजाय भिवानी डिवीजन को ट्रांसफर किया जाए। विधायक घनश्याम सर्राफ, बवानीखेड़ा विधायक, बार एसोसिएशन भिवानी, भाजपा जिला प्रवक्ता विनोद चावला, जिला पार्षद उषा किरण, सैनी कल्याण परिषद व अन्य जिला पार्षद में सरपंचों ने हस्ताक्षर युक्त मांग पत्र मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण गुप्ता व राजीव यादव ईआईसी पीडब्ल्यूडीडी बीएंडआर एनएच निर्माण भवन चंडीगढ़ को भी भेजा गया।
नवदुर्गा सेवा सहयोग संस्था के संस्थापक सुरेश सैनी व बार एसोसिएशन के प्रधान संदीप तंवर, पार्षद विनोद प्रजापति ने बताया कि एनएच-709ई का 99 किमी से लेकर 135 किमी तक का हिस्सा जिला भिवानी की सीमा में आता है। वर्तमान व्यवस्था के अनुसार इस हाईवे का आधिकारिक कार्यालय रोहतक में स्थित है। उन्होंने कहा कि जब लोग हाईवे से संबंधित समस्याओं को लेकर भिवानी जिला प्रशासन के पास जाते हैं, तो उन्हें समाधान शिविर में भी उचित राहत नहीं मिल पाती। भिवानी प्रशासन को पहले ये शिकायतें रोहतक डिवीजन को भेजनी पड़ती हैं, जिससे प्रक्रिया में देरी होती है। संस्था पदाधिकारियों ने कहा कि छोटे-छोटे कामों के लिए रोहतक के चक्कर काटने पड़ते हैं। प्रशासनिक देरी के कारण समस्याओं का समय पर समाधान नहीं होता, जिससे स्थानीय व्यापार और आवागमन प्रभावित होता है। सार्वजनिक हित में यह आवश्यक है कि एनएच-709ई के भिवानी वाले हिस्से को वापस भिवानी नेशनल हाईवे डिवीजन को हस्तांतरित किया जाए, जैसा कि यह पहले हुआ करता था।