लोहारू में आयोजित धरने पर नारेबाजी करते किसान।
लोहारू। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर उपमंडल कार्यालय के बाहर चल रहे 136 दिन के अनिश्चितकालीन किसान धरने में शुक्रवार को किसान महापंचायत आयोजित हुई। बड़ी संख्या में किसान, महिलाएं और किसान संगठनों के पदाधिकारी एकत्र हुए और फसल बीमा क्लेम जारी न होने पर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। महापंचायत में 350 करोड़ रुपये के फसल बीमा क्लेम को तुरंत जारी करवाने की मांग प्रमुख रही। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन और अधिक उग्र किया जाएगा।
किसानों ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं में भारी नुकसान होने के बावजूद बीमा कंपनियों और प्रशासन द्वारा क्लेम जारी न करना किसानों के साथ अन्याय है। सर्वसम्मति से मांग उठी कि सरकार व बीमा कंपनियां तुरंत भुगतान जारी करें क्योंकि फसल बीमा योजना राहत देने के बजाय परेशानी का कारण बनती जा रही है। महापंचायत में सीकर (राजस्थान) से कामरेड सांसद अमराराम, अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कामरेड इंद्रजीत, भारतीय किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष जोगेंद्र नैन सहित राज्य व जिलास्तर के अनेक पदाधिकारी मौजूद रहे। नेताओं ने कहा कि किसानों का फसल बीमा क्लेम उनका वैधानिक अधिकार है इसमें देरी अस्वीकार्य है। सरकार को बीमा कंपनियों पर दबाव बनाकर तुरंत भुगतान करवाना चाहिए।
सभा की संयुक्त अध्यक्षता विजय गुरावा, रविन्द्र कस्वां, रामपाल सिंघानी, देवीडियाल पहाड़ी, रामफल देशवाल सहित प्रमुख किसान नेताओं ने की। वक्ताओं में मास्टर जगरोशन, सुरेश फरटिया ने कहा किप्रदर्शनकारियों ने कहा कि किसान परिवार आर्थिक रूप से टूट चुके हैं और धैर्य की सीमा समाप्त हो रही है, इसलिए क्लेम भुगतान में और देरी अब स्वीकार नहीं। सभा में महिलाओं की भी उल्लेखनीय उपस्थिति रही।