यदि शहर में सफाई कर्मचारी नियमित रूप से सफाई करते हैं तो शहर में सफाई व्यवस्था नजर भी आनी चाहिए। एक सप्ताह के अंदर शहर की सफाई व्यवस्था दुरुस्त होनी चाहिए। कहीं भी कचरे के ढेर नजर नहीं आने चाहिए। ये आदेश उपायुक्त अजय कुमार ने नगर परिषद अधिकारियों की बैठक लेते हुए दिए।
वहीं एक ओर डीसी नप अधिकारियों को स्वच्छता का संदेश दे रहे थे तो दूसरी ओर नेहरू पार्क के पीछे नप कर्मचारी कचरा एकत्रित कर आग लगा रहे थे। नप अधिकारी अन्य को कचरा जलाने पर चालान काटते हैं मगर सफाई कर्मचारियों का आज तक चालान नहीं कटा।
मंगलवार को अपने कार्यालय में सफाई व्यवस्था को लेकर नप अधिकारियों की बैठक में उपायुक्त ने शहर को पॉलिथीन मुक्त बनाने, बेसहारा पशुओं व बंदरों को पकड़ने, निर्माण कार्य से संबंधित जानकारी ली। नप अधिकारियों ने बताया कि 11 फरवरी को बंदर पकड़ने से संबंधित टेंडर खुलेगा, उसके बाद शहर में बंदरों को पकड़ने का अभियान चलाया जाएगा।
परिषद के अधिकारियों ने उपायुक्त को बताया कि शहर की सफाई व्यवस्था के लिए नप के पास 140 नियमित सफाई कर्मचारी और 157 सफाई कर्मचारी हैं। इनमें 13 दरोगा हैं और दो सफाई निरीक्षक हैं, जो नियमित रूप से सफाई व्यवस्था का निरीक्षण करते हैं। नप अधिकारियों ने बताया कि शहर में सेक्टर 13, 23, 26 और मंडी टाउनशिप का क्षेत्र आउटसोर्सिंग पॉलिसी के तहत दिया हुआ है। यहां पर डोर-टू डोर कचरे का उठान किया जा रहा है। जल्द ही शहर के करीब आधा दर्जन वार्डों को आउटसोर्सिंग के तहत सफाई पर दिया जाएगा, जिसकी प्रक्रिया चल रही है। इसके बाद शेष शहर को नियमित रूप से लगे सफाई कर्मचारी संभालेंगे। बैठक में नगराधीश सुरजीत सिंह, नप सचिव राजेश महता, एमई सुरेंद्र सांगवान व सफाई निरीक्षक संजय कुमार आदि उपस्थित थे।
शहर में लगे हैं कचरे के ढेर, एक सप्ताह की मोहलत, नजर नहीं आने चाहिए
उपायुक्त ने बैठक के दौरान निर्देश देते हुए कहा कि शहर में सफाई व्यवस्था की हालत चरमराई हुई है, जबकि ऐसा नहीं होना चाहिए। सरकुलर रोड व शहर के अन्य मुख्य स्थानों पर कचरे के ढेर लगे हैं। इस पर नगर परिषद अधिकारियों ने एक सप्ताह के अंदर सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने को कहा। उपायुक्त ने एक सप्ताह की मोहलत देते हुए कहा कि शहर मेें इस अवधि के दौरान सफाई व्यवस्था नजर आनी चाहिए। शहर में सड़कों का निर्माण इस प्रकार किया जाए कि साइड में कच्ची जगहों पर भी इंटरलॉक व पेवरब्लॉक से पक्का किया जा सके। उपायुक्त ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनाए जा रहे मकानों के बारे में जानकारी ली और निर्देश दिए कि जरूरतमंद व पात्र व्यक्तियों को इस योजना का लाभ मिलना चाहिए। लावारिस पशुओं की समस्या का समाधान जल्द करें। साथ ही योजनाबद्ध तरीके से शहर को पॉलिथीन मुक्त बनाने के भी निर्देश दिए। सभी स्ट्रीट लाइटों को दुरुस्त किया जाए।