डीसी ने पिछले सप्ताह नगर परिषद अधिकारियों की बैठक लेकर साफ निर्देश दिए कि शहर में सफाई हो रही है तो दिखनी चाहिए। एक सप्ताह में शहर में कहीं भी कचरे के ढेर नजर नहीं आने चाहिए। उस समय नप अधिकारियों ने सफाई का आश्वासन दिया था। सप्ताहभर बीतने के बाद शहर की सफाई व्यवस्था के हालात सुधरने की बजाए और ज्यादा बिगड़ गए है। अब हालात ये है कि शहर के बाजारों में लगे कचरे के ढेर से दुकानदार परेशान है।
शहर के नया बाजार मार्ग, सराय चौपटा, बिचला बाजार, हांसी गेट, दिनोद गेट, कृष्णा कॉलोनी मोड़, कमला भवन के पास, किरोड़ीमल मंदिर के पास सब, खाकी बाबा मंदिर के पास सब जगह कचरे के ढेर ही नजर आ रहे है और हालात ये है कि पैदल राहगीरों को कचरे के इन ढेरों के बीच से गुजरना पड़ रहा है, क्योंकि ये सड़क तक फैले है।
दुकानदारों ने नारेबाजी कर जताया रोष : कचरे के ढेरों से परेशान दिनोद गेट वैश्य सीनियर सेकेंडरी स्कूल के पास के दुकानदार सड़क पर उतरे और नारेबाजी कर रोष जताया। दुकानदारों ने कहा कि सफाई होने के कारण सारा कचरा हवा के साथ उनकी दुकानों में आ जाता है। इसके अलावा लावारिस पशु खासकर सांड़ भी इसको दुकानों के बाहर तक फैला देते है। क्षेत्र वासी जय सिंह, अशोक मिस्त्री, अजय, सुरेंद्र, मनीष, सुभाष, रामोतार शर्मा, भानूप्रकाश आदि ने बताया कि कचरा उनके लिए परेशानी बना है। बार-बार शिकायत की, बावजूद इसके अब तक कोई समाधान नहीं हुआ
क्या बोले दुकानदार
कचरे का उठान नहीं हो रहा है और अब हालात ये है कि सड़क तक कचरा फैला हुआ है। जिस कारण समस्या बनी हुई है। दुकानदारी प्रभावित हो रही है। यहां मार्ग से लोगों का गुजरना मुश्किल हो गया है।
सत्यनारायण, दुकानदार
गंदगी के ढेरों के कारण यहां रहना मुश्किल हो गया है। यहां मंदिर है और श्रद्धालुओं का आना गंदगी के कारण बंद सा हो गया है।
सुभाष, प्रधान
कचरे के ढेरों को लेकर शिकायत भी की गई मगर कोई सुनवाई नहीं होती। मजबूरी में आज रोष जताया है।
रामोतार शर्मा, दुकानदार
कचरे के ढेरों के कारण बड़ी परेशानी बनी है। यहां लावारिस पशु भी बहुत है जो कचरे के ढेरों को दूर तक फैला देते है और सड़क पर फैले कचरे के बीच से ही राहगीरों को जाना पड़ता है। यहां बीमारी फैलने का भी खतरा है।
भानूप्रकाश, दुकानदार
काम छोड़ हड़ताल कर कर्मचारियों ने जताया रोष
नगर परिषद के कर्मचारियों ने सोमवार को अपनी विभिन्न मांगों को लेकर काम छोड़ हड़ताल शुरू की। कर्मचारियों ने नगर परिषद में जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगें अधिकारियों के समक्ष रखी। अधिकारियों से बातचीत में कोई समाधान नहीं निकलने पर 11 फरवरी को भी काम छोड़ हड़ताल करने और अपनी मांगों व समस्याओं को लेकर उपायुक्त से मिलने का निर्णय लिया गया। साथ ही चेतावनी दी कि जल्द उनकी मांगे नहीं मानी तो अनिश्चितकालीन हड़ताल करेंगे। इस मौके पर प्रधान विजय कुमार, उप प्रधान श्रीभगवान, भीम सिंह, मनीषा, कमला, पुरुषोत्तम आदि मौजूद थे।
ये है मुख्य मांगे
- मृतक कर्मचारियों के सदस्यों को नौकरी दी जाए
- 75 कर्मचारियों का जो ईपीएफ काटा गया है, उसकी निष्पक्ष जांच हो। इसमें 5.80 लाख का गबन है।
- 10 पक्के कर्मचारियों को मैरेज लोन दिया जाए
- नियमित कर्मचारियों को ट्रैजरी से वेतन दिया जाए
- सेवानिवृत्त कर्मचारियों को एलटीसी का वेतन दिया जाए
- नप में रिक्त अधिकारियों के पदों को शीघ्र भरा जाए
सफाई को लेकर विशेष प्लानिंग बनाई गई है मगर पिछले दो-तीन छुट्टी और कर्मचारियों की हड़ताल के कारण व्यवस्था बिगड़ी है। हड़ताल खत्म होते ही सफाई व्यवस्था को बेहतर किया जाएगा।
- संजय कुमार, सेनेटरी इंस्पेक्टर