वैश्य मॉडल स्कूल ने लगातार तीसरी बार अंतर विद्यालय समूह नृत्य प्रतियोगिता जीती। जी लिट्रा ने दूसरा और हैप्पी पब्लिक स्कूल ने तीसरा स्थान हासिल किया। पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा ने विजेता टीमों को ट्राफी व नकद राशि देकर सम्मानित किया।
टिबडेबाल सभागार में शुक्रवार को स्वर्गीय भगीरथमल बुवानीवाला की 91वीं जयंती के अवसर पर आयोजित अंतर विद्यालय समूह नृत्य प्रतियोगिता में 11 स्कूलों के बच्चों ने जोरदार प्रस्तुतियों से दर्शकों का जीत जीता। वैश्य मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल ने लगातार तीसरे वर्ष प्रथम स्थान प्राप्त कर विजयोपहार पर स्थाई रूप से कब्जा कर और 5100 रुपये का नकद पुरस्कार प्राप्त किया। दूसरे स्थान पर रहे जी लिट्रा वैली स्कूल ने 2100 रुपये का नकद पुरस्कार और तीसरे स्थान पर हैप्पी पब्लिक स्कूल के बच्चों को 1100 रुपये का पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। संात्वना पुरस्कार जनसेवा विहार व केएम पब्लिक स्कूल को मिला।
कार्यक्रम में वैश्य मॉडल स्कूल की प्राचार्या कमला गुरेजा ने भगीरथमल के व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। निदेशक ओपी जोशी ने अतिथियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में निर्णायक मंडल की भूमिका डा. अत्तर सिंह यादव, डा. कविता शर्मा एवं मंजू जैन ने की। समारोह में मंच का सफल संचालन डा. हरकेश पंघाल एवं पवन अग्रवाल ने किया।
कार्यक्रम में सांसद धर्मबीर सिंह, स्वागताध्यक्ष एडवोकेट शिवरत्न गुप्ता, विशिष्ट अतिथि अजय गुप्ता, स्व. भगीरथमल बुवानीवाला स्मृति समिति के अध्यक्ष पवन बुवानीवाला, पूर्व मंत्री सतपाल सांगवान व कृष्णमूर्ति हुड्डा, पूर्व विधायक सोमबीर सांगवान व संत कुमार, संदीप तंवर, भगीरथमल बुवानीवाला की पत्नी शकुन्तला देवी, राधेश्याम बुवानीवाला, अशोक बुवानीवाला, बृृजलाल सर्राफ, मदनलाल गोयल, विजय किशन अग्रवाल, भगवान दास खेमका, कमलेश चौधरी, प्रवीण गर्ग, सरपंच देवराज तोशामिया, विजय लालावासिया, राजू मान, धीरज अखरिया, कामरेड रवि खन्ना, वैश्य महाविद्यालय के प्राचार्य डीएस राजन, निदेशक प्रोमिला सिहाग, उपप्रधानाचार्या निशा शर्मा, मुख्याध्यापिका सुलभा आहूजा, जेपी कौशिक, प्रवीण गुप्ता, नंदकिशोर अग्रवाल, डा. एमएल शर्मा, करण पूनिया, एडवोकेट रघुबीर रंगा आदि मौजूद रहे।
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मुझे अच्छे दिन का है इंतजार: हुड्डा
टिबडेवाल सभागार में एक वक्ता के कथन पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा ने कहा कि प्रजातंत्र में सत्ता बदलती रहती है। उनके बुरे दिन नहीं हैं। मुझे तो अच्छे दिन का इंतजार है। हां मुझे मौका मिला है अपना और पराये को पहचानने का।
दरअसल, कामरेड रवि खन्ना ने अपने भाषण में कहा कि बुरे वक्त में चाय-पानी पिलाने वालों का ख्याल रखना। हालांकि, भूपेंद्र हुड्डा की प्रतिक्रिया के दौरान खड़े होकर कामरेड रवि ने स्पष्ट किया कि उनके कहने का तात्पर्य संघर्ष के दिनों से है। पूर्व सीएम ने कहा कि स्वर्गीय सेठ भगीरथमल बुवानीवाला ने शिक्षा, समाज, मानव कल्याण, गो सेवा के लिए समर्पण भाव से कार्य किया। सांसद धर्मबीर सिंह ने कहा कि पूर्व मुख्यमन्त्री स्वर्गीय बनारसी दास गुप्त एवं स्वर्गीय भगीरथमल बुवानीवाला ने शिक्षा रूपी जो पौधा उस समय लगाया था वो आज वट वृक्ष का रूप ले चुका है। कार्यक्रम संयोजक एवं ट्रस्ट के महासचिव पवन बुवानीवाला, ट्रस्ट के अध्यक्ष एडवोकेट शिवरत्न गुप्ता व उपाध्यक्ष अजय गुप्ता ने भी अपने विचार रखे।
कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बात करते हुए श्री हुड्डा ने कहा कि प्रदेश में बिजली की कमी नहीं है। यह बिजली संकट सरकार की गलत नीतियों की वजह से पैदा हुआ है। उन्होंने किसानों के हालात पर भी चिंता जताई।