कस्टम एजेंट लाइसेंस दिलाने के नाम पर 15 लाख 80 हजार रुपये ठगने का मामला प्रकाश में आया है। धोखा मामा के लड़के ने ही दिया। पुलिस ने शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस को दी शिकायत में विजय नगर वासी सेवानिवृत्त बैंक अधिकारी पुरुषोत्तम दास ने बताया कि उसके मामा का लड़का यूपी के महाराजगंज जिले के सनौली तहसील में रहता है और ट्रांसपोर्ट का बिजनेस करता है। पुरुषोत्तम दास ने बताया कि वर्ष 2010 में उसके मामा का लड़का उनके घर आया और उसके बेटे अनिल को कस्टम एजेंट का लाइसेंस दिलाने की बात कही।
उन्होंने बताया कि नेपाल बॉर्डर से माल टांसपोर्ट में अच्छी कमाई है। उसने कस्टम एजेंट लाइसेंस बनवाने के लिए उसे 15 लाख 80 हजार रुपये दिए। फार्म भी भरा मगर इतने साल बीतने के बावजूद ना कस्टम एजेंट का लाइसेंस बना और ना ही रुपये वापस मिले। उसने इसकी शिकायत पुलिस अधीक्षक को की तो दबाव में आकर मामा के लड़के ने दो लाख रुपये अकाउंट में जमा करा दिए। मगर चार साल पहले 15 लाख 80 हजार रुपये दिए थे।
उसका ब्याज भी काफी होगा। पुरुषोत्तम दास ने बताया कि मामा का लड़का पहले उनके साथ ही रहता था और तीन साल यहीं पढ़ाई की। उसके बाद यूपी चला गया। वहां उसके मकान में ही कस्टम विभाग का कार्यालय है। बस इसी कारण विश्वास कर बैठे और लाखों रुपये गंवा दिए।
अनेक दफा रुपये वापस करने के लिए कहा मगर हर बार टरकाता रहा। चार साल निकलने के बाद उन्होंने इसकी शिकायत पुलिस अधीक्षक को की। मामले की जांच कर रहे एसआई सुरेश कुमार ने बताया कि पुरुषोत्तम की शिकायत पर उसके मामा के लड़के मूलरूप से हिसार के बुढ़ाना वासी सतपाल के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। अभी जांच की जा रही है।