तोशाम।
खानक पहाड़ में पत्थर निकालने के लिए ईसी तो बढ़ गई लेकिन प्रदूषण विभाग से सीटीओ की मंजूरी नहीं आई है। जल्द ही सीटीओ की मंजूरी नहीं मिली तो क्रशर व रोड़ी के भाव आसमान छू सकते हैं। वहीं, लोगों के सामने रोजगार की समस्या खड़ी हो जाएगी।
खानक पहाड़ में पत्थर निकालने के लिए ईसी तो 10 मिलियन टन से बढ़ाकर 24 मिलीयन टन हो गई लेकिन इसके लिए प्रदूषण विभाग से सीटीओ की मंजूरी नहीं मिली है। दो दिन पहले पिछली ईसी में से बचे पत्थर एक लाख टन की बोली एचएसआईआईडीसी ने करवा दी है। पहले एचएसआईआईडीसी के पास एक साल में 10 मिलियन टन पत्थर निकालने की परमिशन थी। वह पत्थर एचएसआईआईडीसी द्वारा निकालकर ऑनलाइन बोली करवाकर क्रशर मालिकों को बेच दिया है। जब तक सीटीओ की मंजूरी नहीं मिलती है तो एचएसआईआईडीसी पहाड़ से और पत्थर नहीं निकाल सकती।
पांच सौ रुपये से 525 रुपये प्रति के हिसाब से हुई है पत्थर की बोली
क्रशर मालिकों ने एक लाख पत्थर की ऑनलाइन बोली पांच सौ रुपये से 525 रुपये प्रति के हिसाब लगाकर पत्थर की खरीद की है। अब भविष्य में भवन सामग्री के भाव भी आसमान छू सकते हैं। खानक के क्रशर बाजार में अब क्रशर व रोड़ी का भाव 725 रुपये प्रति टन से 750 रुपये के बीच में है। अगर जल्द ही दोबारा से पत्थर निकलना शुरू नहीं हुआ तो इसके भाव बहुत ज्यादा बढ़ जाएंगे और लोगों का घर बनाना मंहगा हो जाएगा। अगर सीटीओ की जल्द मंजूरी नहीं मिलती है तो खानक पहाड़ में खनन कार्य बंद हो जाएगा। वहीं, हजारों लोग बेरोजगार हो जाएंगे। इससे क्रशर मालिकों को भी बड़ा नुकसान होगा। तोशाम मार्केट पर भी इसका असर दिखेगा।
ईसी तो बढ़ गई है लेकिन सीटीओ के लिए प्रदूषण विभाग में अप्लाई कर रखा है, उसके जल्द ही मिलने की संभावना है। -
अनिल सिंगला, मैनेजर, एचएसआईआईडीसी।
अगर जल्द ही सीटीओ की मंजूरी नहीं मिलती है तो लोग तो बेरोजगार होंगे ही, वहीं क्रशर मालिकों को बहुत ज्यादा नुकसान होगा। भवन सामग्री महंगी हो जाएगी। तोशाम व खानक मार्केट पर इसका सीधा असर पड़ेगा।
- कृष्ण मलिक, प्रधान, क्रशर एसोसिएशन