गांव बडेसरा में आरटीआई लगाने वाले राजकुमार के हाथ-पांव तोड़ने के मामले में पुलिस पर कार्रवाई में पक्षपात का आरोप लगाते हुए महिलाओं ने थाने में खूब हंगामा किया। डीएसपी के सामने महिलाओं ने थाना प्रभारी की कार्यशैली पर सवाल उठाए। नाराज महिलाएं थाने के गेट पर धरने पर बैठ गईं।
शनिवार शाम ग्रामीणों के थाने के बाहर धरने के बाद रविवार सुबह नौ बजे कई दर्जन महिलाएं थाना परिसर के सामने आ डटीं। महिलाओं ने पुलिस के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया। मौके पर पहुंचे डीएसपी विजय देसवाल को भी महिलाओं के गुस्से का सामना करना पड़ा। महिलाओं ने करीब एक घंटे तक थाना परिसर में जमकर बवाल काटा और थाना परिसर के मुख्य गेट के सामने धरने पर बैठ गई। महिला बबीता, रिसाली, रोशनी, कमला, राजपति, नन्ही, प्रेमो, ओमपति आदि ने कोई भी पुलिस अधिकारी निष्पक्ष रूप से जांच नहीं कर पाता। डीएसपी विजय देसवाल ने बताया कि किसी के साथ पुलिस भेदभाव नहीं कर रही है। निष्पक्ष रूप से मामले की जांच की जा रही है। पुलिस पर लगाए गए सभी आरोप झूठे हैं।
एसएचओ पर गिरी गाज, तबादला
बडेसरा गांव में आरटीआई मांगने पर पिटाई मामले में पुलिस की कार्यशैली को लेकर ग्रामीणों की नाराजगी एसएचओ रमेश कुमार पर भारी पड़ी। दिन में डीएसपी की हंगामा, फिर थाने के बाहर चूल्हा-चौका लेकर महिलाओं के धरने के बाद पुलिस के आला अधिकारी एक्शन में आए और आनन-फानन में एचएचओ रमेश कुमार की जगह चरखी दादरी से गल्ला राम को बवानीखेड़ा थाने का प्रभारी नियुक्त कर दिया। देर शाम ज्वाइन करने के बाद नए एसएचओ गल्लाराम ने बताया कि राजकुमार पर हमला मामले में तीन लोग गिरफ्तार किए गए हैं। इनके नाम मीनू, रविंद्र व गुलाब हैं। दो को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। नामजद लोगों मेें एक की गिरफ्तारी अभी बाकी है।